प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया) 
पुणे

Pune में मतदाता सूची घोटाला? कांग्रेस का आरोप, “बीजेपी-मनपा अधिकारियों की साठगांठ!”

Pune Elections: पुणे मनपा चुनाव से पहले मतदाता सूची में बड़े हेरफेर के आरोप। कांग्रेस नेता संजय बालगुडे का दावा है कि बीजेपी पदाधिकारियों ने मनपा अधिकारियों से साठगांठ कर मतदाता सूची में बदलाव कराया।

अंकिता पटेल

Pune Municipal Elections Hindi News: पुणे मनपा चुनाव की घोषणा से पहले ही शहर की मतदाता सूची में बड़ी धांधली का सनसनीखेज मामला सामने आया है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव संजय बालगुडे ने गंभीर आरोप लगाया है कि महापालिका की प्रारूप मतदाता सूची जारी होने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पदाधिकारियों ने मनपा के क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारियों के साथ मिलकर आपसी साठगांठ की और मतदाता सूची में बदलाव और हेरफेर किया।

कांग्रेस नेताओं ने किया दावा

कांग्रेस ने दावा किया है कि इस गंभीर कृत्य के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हैं, जो चुनाव प्रक्रिया की गोपनीयता भंग होने की पुष्टि करते हैं। बालगुडे ने आशंका जताई है कि इस तरह की हेराफेरी शहर के अन्य क्षेत्रीय कार्यालयों में भी हुई होगी।

बालगुडे ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इससे जुड़ा सीसीटीवी फुटेज पेश करते हुए जानकारी दी और महापालिका आयुक्त तथा राज्य चुनाव आयोग से इस मामले की गहन जांच कर दोषी बीजेपी पदाधिकारियों और संबंधित महापालिका अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बालगुडे के साथ शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के डॉ. शहर प्रमुख गजानन थरकुडे, सामाजिक कार्यकर्ता विश्वंभर चौधरी और एडवोकेट असीम सरोदे भी मौजूद थे।

बालगुडे ने बताया कि महापालिका चुनाव के लिए प्रारूप मतदाता सूची 20 नवंबर को जारी हुई थी, लेकिन उससे पहले ही बीजेपी पदाधिकारी और महापालिका के भवानी पेठ क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने एक साथ बैठक की और विभिन्न मतदाता सूचियों में सेंध लगाई।

साढ़े चार घंटे तक जारी रहा गोपनीय काम

  • उन्होंने खुलासा किया कि यह सारा गोपनीय काम साढ़े चार घंटे तक जारी रहा। बालगुडे ने महापालिका आयुक्त और राज्य चुनाव आयोग से मांग की है कि 31 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच की अवधि के क्षेत्रीय कार्यालयों के सभी सीसीटीवी फुटेज को तुरंत कब्जे में लेकर जांच की जाए और दोषी बीजेपी पदाधिकारियों तथा अधिकारियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
  • उन्होंने दावा किया कि यह गड़बड़ी सिर्फ भवानी पेठ में नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में हुई है। बालगुडे ने चुनाव आयोग से अपील की कि वै ईमानदार अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद से मतदाता सूचियां तैयार कराएं और जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक चुनाव प्रक्रिया को रोक दें। इस मामले की हुई है। इस संबंध में उपायुक्त निखिल मोरे को जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया गया है। जल्द से जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद संदिग्धों पर कार्रवाई की जाएगी।

पीएमसी के उपायुक्त, प्रसाद फाटकर

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