Pune-Mumbai Expressway Missing Link Viral Reel: पुणे-मुंबई 'मिसिंग लिंक' सेक्शन को लेकर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। इन दृश्यों को देखने के बाद सवाल खड़े हो रहे है कि क्या महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है? मिसिंग लिंक का हिस्सा बनने वाले 180 फुट ऊंचे पुल पर अभी छोटा-मोटा मरम्मत का काम चल रहा है। इसी दौरान एक कर्मचारी पुल के बिल्कुल ऊपर क्रेन की ट्रॉली में बैठकर सोशल मीडिया के लिए एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना रील बना रहा था।
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि मिसिंग लिंक के पुल के ऊपर क्रेन की ट्रॉली के अंदर चार से पांच मजदूर हैं और नीचे से सैकड़ों गाड़ियां तेजी से गुजर रही हैं। इस खतरनाक स्थिति के बावजूद क्रेन ड्राइवर अपनी रील बनाने में मग्न हैं। इस बात को सोचकर ही रूह कांप उठती है कि अगर रील बनाते समय ज़रा सी भी चूक हो जाए और ट्रॉली नीचे पुल पर गिर जाए, तो कितना भयानक हादसा हो सकता है। पुल के ठीक नीचे गहरी खाई होने की वजह से यह स्थिति और भी ज़्यादा खतरनाक हो जाती है। यह सब होते देख कर मन में यह सवाल उठता है कि MSRDC और संबंधित ठेकेदार कंपनी आखिर कर क्या रही हैं? क्या वे इस स्थिति से पूरी तरह बेखबर हैं? इस घटना को देखते हुए ऐसे सवाल उठना लाजमी है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर मिसिंग लिंक सेक्शन के खुलने के बाद से यह बात सामने आई है कि कुछ यात्री सेल्फी और तस्वीरें लेने के लिए अपनी गाड़ियां रोक रहे हैं। हालांकि, अब यह आदत यात्रियों को भारी पड़ने वाली है, क्योंकि हाईवे पुलिस ने इस व्यवहार पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
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जो यात्री मिसिंग लिंक के रास्ते पर तस्वीरें या सेल्फी लेने के लिए रुकेंगे उन्हें आर्थिक जुर्माना भरना पड़ सकता है और उनके खिलाफ कानूनी मामले भी दर्ज किए जा सकते हैं। नतीजतन, हाईवे पुलिस ने एक अपील जारी की है कि ऐसी दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए यात्रियों को मिसिंग लिंक पर कहीं भी रुकने से परहेज करना चाहिए। मिसिंग लिंक पर वाहन आमतौर पर 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलते हैं। ऐसी स्थिति में बीच रास्ते में रुककर तस्वीरें लेना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।