Pune Cyber Fraud Mule Bank Gang Accounts: पुणे की वानवडी पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा संचालित खातों में देशभर के 19 पीड़ितों से 1.80 करोड़ रुपए से अधिक की रकम जमा हुई थी।
पुणे में साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों के जरिए आगे ट्रांसफर करने वाले कथित म्यूल बैंक खाता गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। वानवडी पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। महाराष्ट्र साइबर, मुंबई से मिली सूचना के बाद पुलिस ने बैंक लेन-देन की कड़ियों की जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा संचालित बैंक खातों में देशभर के 19 पीड़ितों की कुल 1 करोड़ 80 लाख 15 हजार 795 रुपए की रकम जमा हुई थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रवण राजेंद्र अंकुश (25), हरिओम हरिराम साहू (24), सऊद इदफान शेख (23), साहिल रऊफ शेख (25) और तालिब नूरमोहम्मद शेख (25) के रूप में हुई है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक पंडित रेजितवाड़ के अनुसार, श्रवण अंकुश इस गिरोह का मुख्य संचालक बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को पैसे का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे।
पुलिस जांच के अनुसार, लोगों के नाम और KYC दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते तैयार किए जाते थे। खाते खुलने के बाद इन्हें गिरोह के सदस्यों को सौंप दिया जाता था। इसके बाद इन खातों में ऑनलाइन ठगी से हासिल रकम मंगाई जाती और उसे आगे दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
खाते उपलब्ध कराने वाले लोगों को इसके बदले कमीशन दिए जाने की बात भी पुलिस जांच में सामने आई है। इस तरह बैंक खातों को कथित तौर पर साइबर ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
महाराष्ट्र साइबर, मुंबई से मिली जानकारी के आधार पर वानवडी पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों में हुए लेन-देन की जांच की। अलग-अलग ट्रांजेक्शन को जोड़ते हुए पुलिस गिरोह के सदस्यों तक पहुंची।
1.80 करोड़ रुपए से अधिक के ट्रांजेक्शन और देशभर के 19 पीड़ितों का सामने आना इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य बैंक खातों और लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं।