Pune Liquor Tragedy Accused Police Custody: पुणे और पिंपरी-चिंचवड को दहला देने वाले जहरीली शराब कांड में पुलिस और न्यायिक व्यवस्था ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। स्रोतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार किए गए चार मुख्य आरोपियों को पिंपरी कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 8 जून 2026 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। इस मामले में पुलिस का मुख्य उद्देश्य उस पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन को ध्वस्त करना है जिसने मिथेनॉल जैसे घातक रसायन का इस्तेमाल कर कई परिवारों को उजाड़ दिया है।
पिंपरी चिंचवड पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए जिन चार आरोपियों को कस्टडी में लिया गया है, उनके नाम योगेश वानखेड़े, राधेश्याम प्रजापति, कर्नल मिर्का सिंह और गुरु मंगल सिंह हैं। इनमें योगेश वानखेड़े को एक आदतन शराब तस्कर बताया जा रहा है, जिस पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि वानखेड़े ने अधिक मुनाफा कमाने और शराब को कम समय में अधिक नशीला बनाने के लिए उसमें जानलेवा मिथेनॉल केमिकल की मिलावट की थी। कस्टडी के दौरान पुलिस अब यह पूछताछ करेगी कि यह जहरीला स्टॉक और किन-किन गुप्त ठिकानों पर सप्लाई किया गया है।
जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है कि इस पूरे अवैध शराब साम्राज्य का मुख्य संचालक कर्नल सिंह विरखा है, जिसके ठिकानों से योगेश वानखेड़े जैसे सप्लायर माल उठाते थे। राज्य उत्पाद शुल्क विभाग के अनुसार, विरखा के ठिकानों को सील कर दिया गया है और अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन अन्य लोगों की पहचान करना है जिन्होंने पिछले दो दिनों में इस घातक शराब का सेवन किया है। पुलिस अब फॉरेंसिक लैब की मदद ले रही है ताकि अदालत में मिथेनॉल के वैज्ञानिक सबूत पेश किए जा सकें और आरोपियों को फांसी या उम्रकैद जैसी कठोर सजा दिलाई जा सके।
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इस जहरीली शराब कांड में अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें दापोडी और फुगेवाड़ी के 8 नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा पुणे के काले पाडल और हडपसर इलाकों में भी मौतें दर्ज की गई हैं। मृतकों की सूची में पांडुरंग फुगे, विजय प्रकाश राठौड़, अकबर पठान और आनंद देसाई जैसे नाम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की सबसे कठोर धाराओं के तहत मुकदमा चलाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और उत्पाद शुल्क विभाग की संयुक्त टीमें अब पूरे जिले में कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही हैं ताकि अवैध शराब के अड्डों को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। फिलहाल, दापोडी और फुगेवाड़ी इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है और प्रशासन मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है ताकि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सके।