(प्रतीकात्मक तस्वीर) 
पुणे

Pune-खड़की कैंटोनमेंट का PMC में विलय अटका, नया साल भी मुश्किल में

Pune और खड़की कैंटोनमेंट क्षेत्र को PMC में विलय की प्रक्रिया चार महीने बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। कर्मचारियों, वेतन, पेंशन और संपत्ति हस्तांतरण जैसे मुद्दों पर अभी भी गतिरोध बना हुआ है।

अपूर्वा नायक

Pune News In Hindi: पुणे और खड़की कैंटोनमेंट बोर्ड के नागरिक क्षेत्र का महानगरपालिका में विलय करने के लिए राज्य सरकार ने सैद्धांतिक रूप से सहमति दे दी थी। इस बात को चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन विलय की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है।

वर्तमान में राज्य सरकार का नगर विकास विभाग रक्षा मंत्रालय के साथ फॉलोअप कर रहा है। अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या कैंटोनमेंट बोडों के महानगरपालिका में विलय की प्रक्रिया नए साल में ही पूरी हो पाएगी?

पुणे और खड़की कैंटोनमेंट सहित राज्य के अन्य बोर्डों के नागरिक क्षेत्रों को संबंधित स्थानीय स्वशासन निकाय में विलय करने के संबंध में पिछले चार से पांच वर्षों से चर्चा चल रही थी। इसी बीच 10 जुलाई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में मुंबई में एक बैठक हुई थी।

कर्मचारियों और संपत्तियों पर गतिरोध जारी

इस बैठक में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, नगर विकास विभाग की राज्य मंत्री माधुरी मिसाल, महानगरपालिका आयुक्त नवलकिशोर राम और पुणे व खड़की कैंटोनमेंट बोडों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उपस्थित थे, इस बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने विलय को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।

विलय के संबंध में महानगरपालिका और कैंटोनमेंट बोर्ड के बीच कर्मचारियों, उनके वेतन, पेंशन सहित वित्तीय मामलों पर पहले भी चर्चा हो चुकी थी, संपत्तियों के हरतांतरण के संबंध में कुछ वर्षों से चर्चा चल रही थी।

महानगरपालिका प्रशासन ने कैंटोनमेंट की जनसंख्या, वहां की सुविधाओं, संपत्तियों और अन्य जानकारी की विस्तृत रिपोर्ट सरकार को भेजी थी। मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में यह तय किया गया था कि कैटोनमेंट प्रशासन जिन चीजों की देने के लिए सहमत हुआ है उन्हें महानगरपालिका स्वीकार कर ले।

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