Pune Bengaluru Highway Road Collapses: पुणे-बेंगलुरु नेशनल हईवे से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक अत्यंत चौंकाने वाली और चिंताजनक खबर सामने आई है। सातारा शहर के पास नागठाणे गांव की सीमा में मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक एक विशाल और गहरा गड्ढा पड़ने की भीषण घटना घटी है। गनीमत यह रही कि राजमार्ग से गुजर रहे कुछ जागरूक यात्रियों की नजर इस पर समय रहते पड़ गई, जिसकी वजह से एक बहुत बड़ा और भीषण हादसा टल गया।
इस घटना ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क बनाने वाले ठेकेदारों के कामकाज के घटिया स्तर और लापरवाही की पोल खोलकर रख दी है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस सड़क पर यह बड़ा गड्ढा हुआ है, उसका काम महज दो महीने पहले ही करोड़ों रुपये खर्च करके पूरा किया गया था। मात्र दो महीने के भीतर ही सड़क का इस तरह धंस जाना प्रशासन और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नागरिकों और वाहन चालकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि क्या इतने बड़े प्रोजेक्ट में घटिया दर्जे की निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया था?
पुणे-बेंगलुरु हाईवे दक्षिण भारत को जोड़ने वाला एक अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। नागठाणे में सड़क धंसने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर एक लेन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस वजह से इस क्षेत्र में वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं और यातायात की गति काफी धीमी हो गई है। प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर इस गड्ढे को भरने और सड़क को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है, लेकिन यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
दो महीने के भीतर ही सड़क धंसने की इस घटना ने पूरे हाइवे की सुरक्षा को लेकर सवालिया निशान लगा दिया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं के कारण किसी निर्दोष की जान न जाए, इसके लिए सातारा जिले के नागरिकों द्वारा मांग की जा रही है कि संपूर्ण राजमार्ग का सुरक्षा ऑडिट कराया जाना चाहिए।
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पुलिस और राजमार्ग प्रशासन ने इस मार्ग से यात्रा करने वाले सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे नागठाणे गांव की सीमा में गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और अपनी गति को सीमित रखें।
यह घटना केवल एक सड़क का टूटना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और बुनियादी ढांचे के निर्माण में बरती गई घोर लापरवाही का उदाहरण है। जनता के टैक्स के करोड़ों रुपयों से बनी सड़कें पहली बारिश या कुछ ही महीनों के भीतर जवाब दे रही हैं।