पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (PCMC) के जल आपूर्ति विभाग में स्थायी नौकरी का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले एक शातिर जालसाज को पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 26 वर्षीय प्रतीक राजेश ढैंजे के रूप में हुई है, जो महज 12वीं पास है। आरोपी ने मनपा के आधिकारिक लेटरहेड, फर्जी हस्ताक्षरों और नियमों का हवाला देकर कई नौकरी चाहने वालों को फर्जी नियुक्ति पत्र सौंपे और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए।
मूल रूप से सोलापुर जिले के अक्कलकोट के रहने वाले और वर्तमान में भोसरी में रह रहे प्रतीक ढैंजे ने पहले अनुबंध (Contractual) के आधार पर मनपा की कुछ परियोजनाओं में काम किया था। इसी अनुभव का फायदा उठाकर उसने वरिष्ठ अधिकारियों तक सीधी पहुंच होने का दावा किया। आरोपी ने पीड़ितों से 20,000 से 30,000 रुपये प्रति व्यक्ति लेकर जल आपूर्ति विभाग में स्थायी पद पर नियुक्ति का वादा किया। फर्जी पत्रों में उम्मीदवारों को 5 सितंबर को सुबह 11 बजे मूल प्रमाणपत्रों के साथ रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया था। अब तक 6 पीड़ितों से 1.5 लाख रुपये से अधिक की ठगी का खुलासा हो चुका है।
पुलिस उपायुक्त (क्राइम) रोहिदास पवार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को हिरासत में लिया। आरोपी के पास से तीन फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद किए गए हैं, जो देखने में बिल्कुल असली PCMC पत्र की तरह लगते हैं। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि क्या इस फर्जीवाड़े में मनपा के कुछ अन्य कर्मचारी या बाहरी लोग भी फर्जी दस्तावेज बनाने में शामिल थे।
यह पहली बार नहीं है जब प्रतीक ढैंजे को ठगी के मामले में पकड़ा गया है। जनवरी 2025 में भोसरी पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ महाराष्ट्र गृहनिर्माण एवं क्षेत्रविकास प्राधिकरण (MHADA) की फर्जी योजना के तहत सस्ते मकान दिलाने का झांसा देकर 22.4 लाख रुपये ठगने का मामला दर्ज किया गया था। उस मामले में भी उसने 'MHADHA update group' नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर पीड़ितों को झूठे आश्वासन दिए थे।