प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया) 
पुणे

पिंपरी-चिंचवड़ में बाल अपराध में कमी; काउंसलिंग, जागरूकता और ‘संवाद’ अभियान का दिखा असर

Pimpri Chinchwad Child Crime Reduction News: पिंपरी-चिंचवड़ में विशेष बाल पुलिस दल के प्रयासों से बाल अपराध में कमी आई। ‘संवाद’ अभियान के तहत काउंसलिंग, जागरूकता और पुनर्वास पर जोर दिया गया।

रूपम सिंह

Pimpri Chinchwad Police News: पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय के तहत कार्यरत विशेष बाल पुलिस दल द्वारा किए गए व्यापक उपायों के कारण शहर में बाल अपराध में उल्लेखनीय कमी आई है। अपराध में फंसे नाबालिगों की काउंसलिंग, उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए खेल और रोजगार प्रशिक्षण, अभिभावकों का मार्गदर्शन तथा नशामुक्ति संबंधी कार्यक्रमों के चलते वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में बाल अपराधियों की संख्या और गंभीर अपराधों में उनकी भागीदारी में कमी दर्ज की गई है।

आंकड़ों के अनुसार, पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में नाबालिगों पर दर्ज गंभीर अपराधों की संख्या 2024 में 81 थी, जो 2025 में घटकर 78 हो गई। हत्या, हत्या का प्रयास, बलात्कार, डकैती, लूटपाट और मारपीट जैसे मामलों में भी कुछ हद तक कमी देखने को मिली है।

लेकिन गंभीर अपराधों में शामिल बालकों की संख्या 2024 में 132 से बढ़कर 2025 में 135 हो गई है। बालकों का मनोवैज्ञानिक आकलन : पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे के मार्गदर्शन में नोडल अधिकारी एवं सहायक पुलिस आयुक्त डॉ. विशाल हिरे ने 'संवाद' नामक विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दर्ज मामलों से जुड़े 251 नाबालिगों एवं नशे की लत से प्रभावित बालकों का सामाजिक संस्थाओं की मदद से मनोवैज्ञानिक आकलन किया गया।

इसमें उनकी बौद्धिक क्षमता, डिप्रेशन, चिंता, नशे की प्रवृत्ति और आत्महत्या की संभावना जैसी बातों का अध्ययन किया गया। इसके आधार पर काउंसलिंग, उपचार, मेडिटेशन सत्र और अभिभावकों का मार्गदर्शन शुरू किया गया है। इसके अलावा, पीड़ित और देखभाल व संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शहर में 10 'बाल स्नेही कक्ष' स्थापित किए गए हैं। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए दापोडी और भोसरी एमआईडीसी थाना क्षेत्र में कुल 16 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

वर्ष 2024-25 में पिंपरी-चिंचवड़ में नाबालिगों पर दर्ज गंभीर मामलों पर एक नजर

वर्ष हत्या हत्या का प्रयास बलात्कार डकैती लूटपाट मारपीट कुल गंभीर अपराध
2024 11 20 17 11 8 14 81
2025 6 16 12 20 16

दो साल में विभिन्न गंभीर अपराधों में शामिल नाबालिगों की जानकारी

वर्ष हत्या हत्या का प्रयास बलात्कार डकैती लूटपाट मारपीट कुल नाबालिग
2024 21 34 22 21 14 20 132
2025 13 39 12 28 13 30 135

नाटक के माध्यम से कर रहे जागरुक

बाल अधिकार सप्ताह और पुलिस स्थापना दिवस के मौके पर स्कूलों, कॉलेजों, बस्तियों और सार्वजनिक स्थानों पर रैलियां, नाटक और व्याख्यानों के जरिए बच्चों में शिक्षा, नशामुक्ति, व्यायाम के महत्व और पोक्सो कानून के प्रति जागरूकता फैलाई गई। डॉ. विशाल हिरे ने अपील की है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के अभिभावक उनके व्यवहार और गतिविधियों पर नजर रखें। यदि कोई संदिग्ध व्यवहार दिखाई दे तो समय रहते विशेष बाल पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस दल से संपर्क कर उचित काउंसलिंग कराएं।

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