PCMC Financial Crisis Arbitration: पिंपरी-चिंचवड़ नगरपालिका द्वारा शुरू की गई कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं समय पर पूर्ण न होने और ठेकेदारों के साथ बढ़ते विवादों के कारण मनपा की वित्तीय स्थिति पर गहरा संकट मंडराने लगा है।
दो पृथक मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) मामलों में ठेकेदारों के पक्ष में आए संभावित निर्णयों के कारण मनपा पर लगभग 527 करोड़ 48 लाख रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आने की आशंका है। पहले से ही भारी देनदारियों का सामना कर रही महापालिका के लिए यह नई स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण सिद्ध हो रही है।
शहर के प्रमुख बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) प्रोजेक्ट्स में उत्पन्न बाधाओं, जन-आंदोलनों और तकनीकी विवादों के कारण कई कार्य वर्षों तक लंबित रहे। इसके परिणामस्वरूप संबंधित ठेकेदारों ने कानूनी मध्यस्थता का मार्ग अपनाया, जहां अब मनपा को भारी हर्जाना भुगतना पड़ सकता है।
यह परियोजना पिंपरी-चिंचवड़ मनपा का सबसे बड़ा वित्तीय विवाद है। इस परियोजना को स्थानीय किसानों के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा था। 9 अगस्त 2011 को आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी की घटना के बाद यह कार्य पूरी तरह ठप हो गया था। हालांकि, राज्य सरकार ने 8 सितंबर 2023 को इस परियोजना पर लगी रोक हटा दी, लेकिन दीर्घकाल तक कार्य बंद रहने और अनुबंध रद्द होने के कारण ठेकेदार ने निगम के विरुद्ध दावा ठोक दिया।
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