Pune Municipal Corporation: पुणे शहर के पुराने पुलों, फ्लाईओवर और कल्वर्ट की सुरक्षा को लेकर पुणे महानगरपालिका (मनपा) की तकनीकी जांच में 98 पुलों में मरम्मत की जरूरत सामने आई थी। इनमें से अब तक 21 पुलों की मरम्मत पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी पुलों के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
तीसरे चरण में करीब 14 से 15 पुलों की मरम्मत के लिए 8 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है यानी तकनीकी ऑडिट में चिह्नित सभी पुलों की मरम्मत पूरी होने में अभी समय लगेगा।
पुणे शहर में कई पुल और फ्लाईओवर वर्षों पुराने हैं। उनकी संरचनात्मक स्थिति का आकलन करने के लिए मनपा ने विशेषज्ञ सलाहकारों के माध्यम से तकनीकी ऑडिट कराया था।
इसमें 98 पुलों में विभिन्न स्तर पर मरम्मत की जरूरत सामने आई। इनमें से पांच पुलों की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदारों की है, क्योंकि वे दोष दायित्व अवधि (डीएलपी) में आते हैं। शेष 93 पुलों की मरम्मत मनपा के विशेष परियोजना विभाग के जिम्मे है।
तकनीकी ऑडिट के आधार पर पुलों को 'अ', 'ब' और 'क' तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें 'अ' श्रेणी के पुलों को प्राथमिकता दी गई। पहले चरण में 11 में से 10 पुलों की मरम्मत की गई, जबकि दूसरे चरण में 17 में से 11 पुलों का काम पूरा किया गया है।
कुछ पुलों पर तीसरे चरण के तहत भी काम शुरू हो चुका है। विशेष परियोजना विभाग के प्रमुख दिनकर गोजारे के अनुसार, पुलों की मरम्मत के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है। शेष पुलों और कल्वर्ट की मरम्मत भी उपलब्ध निधि के अनुसार चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
मरम्मत के दौरान पुलों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग तकनीकी काम किए जा रहे हैं। इनमें बेयरिंग बदलना, एक्सपेंशन जॉइंट रिप्लेसमेंट और स्ट्रेंथनिंग जैसे कार्य शामिल है।
इनसे पुलों की संरचनात्मक क्षमता बनाए रखने और उनकी सेवा अवधि बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुणे मनपा ने अब पुलों की वार्षिक जांच करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक पुल की स्थिति का हर साल आकलन किया जाएगा। इससे दरार, बेयरिंग, जॉइंट या अन्य तकनीकी खामियों का समय रहते पत्ता लगाकर मरम्मत की जा सकेगी।
छत्रपति संभाजी महाराज पुल की मरम्मत जलवाहिनी से संबंधित काम के कारण अटकी हुई थी। अब जलवाहिनी का काम पूरा हो गया है। इसलिए इस पुल की मरम्मत जल्द शुरू होने की संभावना है।
इसके अलावा पहले और दूसरे चरण में बचे पुलों और अन्य कल्वर्ट के काम भी आगे लिए जाएंगे। पहले चरण में 10 पुलों की मरम्मत पर करीब 10 करोड़ रुपये, जबकि दूसरे चरण में 11 पुलों पर करीब 17 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। तीसरे चरण के लिए 8 करोड़ रुपये मंजूर हैं। इस राशि से करीब 14 से 15 पुलों की मरम्मत प्रस्तावित है। इसके बाद भी तकनीकी ऑडिट में चिन्हित शेष पुलों की मरम्मत अगले चरणों में जारी रहेगी।