पिंपरी-चिंचवड़ (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया) 
पुणे

पिंपरी-चिंचवड़ में बनेगी नई सार्वजनिक स्वच्छता नीति, नागरिकों के सुझावों से सुधरेंगे सार्वजनिक शौचालय

Pimpri Chinchwad Public Sanitation Policy: पिंपरी-चिंचवड़ मनपा सार्वजनिक शौचालयों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए 'सार्वजनिक स्वच्छता नीति' तैयार कर रही है। निगड़ी में चर्चा सत्र आयोजित।

रूपम सिंह

Pimpri Public Toilet Upgrade: पिंपरी-चिंचवड़ शहर में सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की स्थिति को सुधारने के लिए महानगर पालिका ने एक स्वतंत्र 'सार्वजनिक स्वच्छता नीति' तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस नीति का उद्देश्य शौचालयों को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित, सुलभ और सर्वसमावेशक बनाना है।

इसके निर्माण में नागरिकों, सामाजिक प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के सुझावों को शामिल किया जा रहा है। इसी कड़ी में निगड़ी के ग। दि। माडगूलकर सभागृह में एक विशेष केंद्रित समूह चर्चा (फोकस ग्रुप डिस्कशन) का आयोजन किया गया।

मनपा आयुक्त के मार्गदर्शन में प्रारूप तैयार

मनपा आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी के निर्देशों और अतिरिक्त आयुक्त कुलदीप जंगम के मार्गदर्शन में मनपा का स्वास्थ्य विभाग इस नीति का प्रारूप तैयार कर रहा है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य केवल शौचालयों का निर्माण करना ही नहीं, बल्कि उनका दीर्घकालिक, सक्षम और टिकाऊ रखरखाव सुनिश्चित करना है। शहर के तेजी से होते विस्तार और बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए यह प्रयास किया जा रहा है कि स्वच्छता सुविधाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग को बिना किसी बाधा के मिल सके।

चर्चा सत्र में विभिन्न वर्गों की रही भागीदारी

आयोजित चर्चा सत्र में समाज के विभिन्न वगों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। इसमें वरिष्ठ नागरिको, दिव्यांगजनों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस (आरडब्ल्यूए), तृतीयपंथियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। बैठक के दौरान शौचालयों में नियमित सफाई, 24 घंटे पानी की आपूर्ति, पर्याप्त रोशनी, समय पर मरम्मत और महिलाओं व नागरिकों के लिए पूरी तरह सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

नागरिकों और विशेषज्ञों की चर्चा

स्वास्थ्य विभाग डॉ. प्रदीप टेंगल सुरक्षित और सुलभ शौचालय निर्माण पर जोर दीर्घकालिक और टिकाऊ रखरखाव व्यवस्था बनाई जाएगी स्वच्छता केवल एक आदत नहीं।  बकि वरुवामा अवान है। जनभागीदारी से ही शहर के सार्वजनिक शौचालय सचमुच स्वच्छ और सुरक्षित बन सकते हैं।

सुझाव आमंत्रित किए गए

प्रतिभागियों ने दिव्यांगों के लिए रैंप, वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल संरचना और किन्नरों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

उप आयुक्त डॉ। प्रदीप ठेंगल ने कहा कि विभिन्न सामाजिक घटकों से मिले यह सुझाव अत्यंत उपयोगी हैं और इन्हें अंतिम मसौदे में शामिल किया जाएगा, ताकि नीति धरातल पर प्रभावी साबित हो सके।

कार्यक्रम में प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में उप आयुक्त अतुल पाटिल, सहायक आयुक्त दशरथ कांबले, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी श्रीराम गायकवाड, राजू साबले, सुधीर वाघमारे, महेश आढाव, शांताराम माने और उप अभियंता वंदना मोरे सहित कई स्वास्थ्य निरीक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की प्रस्तावना तन्मय गौंड ने प्रस्तुत की, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ। प्रदीप ठेंगल ने किया। जनभागीदारी से तैयार हो रही यह स्वच्छता नीति पिंपरी-चिंचवड़ के नागरिक सुविधाओं के स्तर को एक नई ऊंचाई देने में बेहद सहायक सिद्ध होगी।

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