Pune Hinjewadi Shivajinagar Metro Line 3: पुणे महानगर की बहुप्रतीक्षित मेट्रो लाइन-3 अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। हिंजवडी के आईटी हब को शिवाजीनगर से जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना का संचालन जुलाई से चरणबद्ध तरीके से शुरू होने जा रहा है। मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद प्रतिदिन हजारों आईटी कर्मचारियों, विद्यार्थियों और नागरिकों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। वर्तमान में हिंजवडी से शिवाजीनगर तक पहुंचने में जहां डेढ़ घंटे या उससे अधिक समय लग जाता है, वहीं मेट्रो शुरू होने के बाद यह दूरी मात्र 45 मिनट में तय की जा सकेगी।
पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल कुमार सैनी ने बताया कि परियोजना का संचालन दो चरणों में शुरू किया जाएगा। पहले चरण में जुलाई के दौरान मान स्टेशन से आर। के। लक्ष्मण संग्रहालय स्टेशन तक यात्रियों के लिए सेवा प्रारंभ की जाएगी। इसके बाद अगस्त के अंत तक 23 किलोमीटर लंबे मार्ग पर चार स्टेशनों को छोड़कर शेष सभी स्टेशनों को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा इस कॉरिडोर का दो बार निरीक्षण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान सुझाए गए सभी तकनीकी और सुरक्षा सुधार पूरे कर लिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार अगले सप्ताह अंतिम सुरक्षा प्रमाणपत्र मिलने की संभावना है। इसके बाद व्यावसायिक संचालन का मार्ग पूरी तरह साफ हो जाएगा। मेट्रो लाइन-3 पर चलने वाली तीन कोच वाली ट्रेनों को अधिकतम 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालन की मंजूरी मिल चुकी है।
पुणे मेट्रो परियोजना के तहत यात्रियों की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया है। सिविल कोर्ट स्टेशन पर इंटरचेंज फुट ओवर ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जिससे यात्रियों को विभिन्न मेट्रो लाइनों के बीच आसानी से आवागमन की सुविधा मिलेगी।
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इस परियोजना की सबसे विशेष बात यह है कि मेट्रो संचालन के लिए 100 महिला ऑपरेटरों की विशेष टीम तैयार की गई है। इन सभी महिलाओं को आधुनिक मेट्रो संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। मार्च 2027 तक पूरी मेट्रो लाइन-3 परियोजना पूरी तरह तैयार होकर संचालन में आ जाएगी। इसके बाद पुणे के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को नई गति मिलेगी और शहर के यातायात दबाव में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
मेट्रो लाइन-3 का संचालन करने के लिए 100 महिला ऑपरेटरों को प्रशिक्षित किया गया है। यह टीम यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराएगी, परियोजना प्रबंधन का मानना है कि यह पहल सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रेरणादायी उदाहरण बनेगी।