अवैध होर्डिंग प्रतिबंधित  सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

पुणे में प्रतिबंधित जगहों पर कितने होर्डिंग? मनपा के पास जवाब नहीं, अनुमति प्रक्रिया पर उठे सवाल

Pune Illegal Hoardings: पुणे मनपा के पास प्रतिबंधित क्षेत्रों में लगे होर्डिंग की स्पष्ट जानकारी नहीं है। बिना स्थल निरीक्षण अनुमति देने के आरोपों के बीच अब सर्वेक्षण कराने की बात कही गई है।

रूपम सिंह

Pune Municipal Corporation: पुणे शहर में होर्डिंग लगाने के लिए नियम-कायदे और अनुमति की व्यवस्था होने के बावजूद मनपा प्रशासन के पास यह स्पष्ट जानकारी नहीं है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में कितने विज्ञापन फलक लगे हैं। धार्मिक स्थलों के परिसर, मनपा उद्यान, होटल पार्किंग, इमारतों के फ्रंट मार्जिन और प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित जगहों पर लगे होर्डिंग की वास्तविक स्थिति की जानकारी उपलब्ध नहीं होने से अनुमति प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।

इससे यह संदेह भी पैदा हो रहा है कि कई मामलों में स्थल निरीक्षण किए बिना ही होर्डिंग को अनुमति दी गई होगी। हालांकि मनपा प्रशासन ने अब ऐसे स्थानों पर लगे विज्ञापन फलक का सर्वेक्षण कराने की बात कही है।

2022 के नियमों का दिया हवाला, लेकिन स्थल जांच पर साधी चुप्पी

नगरसेविका वैशाली भालेराव ने होर्डिंग की अनुमति, प्रतिबंधित क्षेत्र और नियमों के पालन को लेकर मनपा प्रशासन से लिखित सवाल पूछे थे।

इसके जवाब में लाइसेंस एवं आकाश चिहन विभाग ने अगस्त 2026 में शहर में लागू नियमों और अनुमति प्रक्रिया की जानकारी दी, लेकिन प्रतिबंधित स्थानों पर लगे होर्डिंग की संख्या और उनकी स्थिति का स्पष्ट ब्योरा नहीं दिया।

मनपा प्रशासन के अनुसार शहर में होर्डिंग की अनुमति 'महाराष्ट्र महानगरपालिका आकाश चिहन व विज्ञापन प्रदर्शित करने के नियम और नियंत्रण नियम, 2022' के तहत दी जाती है।

संबंधित संरचना की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए इंडियन सोसायटी ऑफ स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स के अभियंताओं से संरचनात्मक स्थिरता प्रमाणपत्र लेना भी आवश्यक बताया गया है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या केवल ढांचे की मजबूती का प्रमाणपत्र पर्याप्त है? होर्डिंग जिस जगह लगाया जा रहा है, वह वैधानिक रूप से विज्ञापन के लिए अनुमत है या नहीं, इसकी जांच किस स्तर पर होती है?

प्रतिबंधित जगहों की सूची भी स्पष्ट नहीं

धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर होर्डिंग लगाने पर नियमों में प्रतिबंध होने का उल्लेख मनपा ने किया है और इसके लिए नियमावली के बिंदु 5 (घ) का हवाला दिया गया है। हालांकि, पुणे में कौन-कौन से स्थान प्रतिबंधित क्षेत्र में आते हैं, इसकी विस्तृत सूची प्रशासन ने उपलब्ध नहीं कराई।

ऐसे में सवाल उठता है कि जब प्रतिबंधित क्षेत्रों की स्पष्ट सूची ही उपलब्ध नहीं है, तो अनुमति जारी करने से पहले संबंधित स्थल की स्थिति की जांच किस आधार पर की गई? क्या यह देखा गया कि जगह धार्मिक स्थल का परिसर, मनपा उद्यान, होटल की पार्किंग की सीमा में तो नहीं आती?

सर्वेक्षण करने के बाद खुलेगा होर्डिंग का 'राज'

पुणे मनपा प्रशासन ने अब ऐसे स्थानों पर लगे विज्ञापन फलक का सर्वेक्षण कराने की बात कही है। सर्वेक्षण में यदि नियमों के विपरीत होर्डिंग पाए जाते हैं तो उनकी अनुमति रद्द कर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन गलत जगह पर होर्डिंग की अनुमति जारी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी या नहीं, इस पर प्रशासन ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।

विभागीय जांच और जवाबदेही को लेकर भी स्थिति अस्पष्ट है। होर्डिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली संपत्तियों पर व्यावसायिक कर लगाने का मुद्दा भी उलझा हुआ है। इस संबंध में कर संकलन विभाग और आकाश चिन्ह विभाग ने एक-दूसरे की ओर जिम्मेदारी डाल दी है।

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