Hadapsar Nanded Express: पुणे से मराठवाड़ा और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने अतिरिक्त सीटिंग क्षमता बढ़ाने का फैसला किया है। दक्षिण मध्य रेलवे की ओर से पुणे क्षेत्र से संचालित होने वाली तीन महत्वपूर्ण ट्रेनों में स्थायी रूप से 3-3 अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे। इन ट्रेनों में हडपसर-हरंगुल, हडपसर-नांदेड और नांदेड-पनवेल एक्सप्रेस शामिल हैं।
अतिरिक्त कोच जुड़ने के बाद तीनों ट्रेनों की संरचना में कुल 20 कोच होंगे। रेलवे के इस फैसले से पुणे, हडपसर और आसपास के क्षेत्रों से लातूर, नांदेड तथा मराठवाड़ा के अन्य शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी।
हडपसर-हरंगुल (लातूर) एक्सप्रेस में तीन अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे। रेलवे के अनुसार, यह बदलाव 25 सितंबर से दोनों दिशाओं में लागू होगा।
इस ट्रेन में अतिरिक्त कोच जुड़ने के बाद पुणे क्षेत्र से लातूर और आसपास के इलाकों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध क्षमता बढ़ जाएगी। वापसी दिशा में भी बढ़ी हुई कोच संरचना लागू रहेगी।
नांदेड-हडपसर एक्सप्रेस में अतिरिक्त कोच लगाने की प्रक्रिया दिशा के अनुसार अलग-अलग तारीखों से लागू होगी। नांदेड से चलने वाली सेवा में 24 सितंबर से तीन अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे, जबकि हडपसर से चलने वाली सेवा में 25 सितंबर से संशोधित कोच संरचना लागू होगी।
नांदेड-पनवेल एक्सप्रेस में नई कोच संरचना 22 सितंबर से नांदेड और 23 सितंबर से पनवेल दिशा में लागू होगी। इस ट्रेन में भी तीन अतिरिक्त कोच जुड़ने के बाद कुल कोच संख्या 20 हो जाएगी।
रेलवे के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य इन मार्गों पर यात्रियों की बढ़ती मांग के अनुरूप अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध कराना है। खासकर मराठवाड़ा जाने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना करने वाले यात्रियों को इससे अतिरिक्त सीटें मिलने की संभावना है।
पुणे शहर और आसपास के क्षेत्रों से लातूर, नांदेड तथा मराठवाड़ा के अन्य हिस्सों की ओर बड़ी संख्या में यात्री रेल सेवा का इस्तेमाल करते हैं। अतिरिक्त कोच जुड़ने से इन सेवाओं में उपलब्ध सीटों की संख्या बढ़ेगी।
रेलवे के अनुसार, स्थायी रूप से बढ़ाई गई क्षमता से अधिक यात्रियों को समायोजित करने में मदद मिलेगी और इन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट का दबाव कम करने में सहायता मिल सकती है। यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले संबंधित ट्रेन की संशोधित कोच संरचना और टिकट उपलब्धता की जांच करने की सलाह दी गई है।