स्कूल शिक्षक, प्रतीकात्मक तस्वीर  सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

महाराष्ट्र के स्कूलों में आज से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य, स्मार्ट अटेंडेंस से दर्ज होगी हाजिरी

Maharashtra Schools News: महाराष्ट्र में आज से पहली से 12वीं तक के सभी स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। 'स्मार्ट अटेंडेंस' के जरिए मुख्याध्यापकों को हाजिरी दर्ज करनी होगी।

रूपम सिंह

Highlights

  • महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में 15 अक्टूबर से शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य।

  • स्मार्ट उपस्थिति के जरिए रोजाना दर्ज होगी हाजिरी।

  • हाजिरी की जिम्मेदारी मुख्याध्यापक या प्रभारी मुख्याध्यापक की होगी।

Maharashtra Schools Online Teacher Attendance: महाराष्ट्र में पहली से 12वीं कक्षा तक के सभी माध्यमों और प्रबंधन के स्कूलों में 15 अक्टूबर से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। अब सभी स्कूलों को ‘स्मार्ट उपस्थिति’ प्रणाली के माध्यम से शिक्षकों की रोजाना हाजिरी दर्ज करनी होगी। इस व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने की जिम्मेदारी मुख्याध्यापकों को सौंपी गई है। उनकी अनुपस्थिति में प्रभारी मुख्याध्यापक को यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

शिक्षा आयुक्त ने जारी किए निर्देश

शिक्षा आयुक्त सचिंद्र प्रताप सिंह ने इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और निगरानी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है। इसके तहत राज्य के सभी संबंधित स्कूलों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रोजाना उपस्थिति दर्ज करनी होगी।

स्मार्ट उपस्थिति से दर्ज होगी हाजिरी

राज्य विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से चालू शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। इसी व्यवस्था के तहत अब शिक्षकों की दैनिक हाजिरी दर्ज करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे स्कूलों में उपस्थिति से संबंधित जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो सकेगी।

स्विफ्ट चैट ऐप से पूरी होगी प्रक्रिया

शालार्थ पोर्टल पर पंजीकृत स्कूलों के मुख्याध्यापकों को ‘स्विफ्ट चैट’ ऐप के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इसके लिए उन्हें स्कूल का यू-डायस कोड, अपनी शालार्थ आईडी और पोर्टल पर पंजीकृत मोबाइल नंबर का उपयोग करना होगा। निर्धारित विवरण के आधार पर ही उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मुख्याध्यापकों की बढ़ेगी जिम्मेदारी

नई व्यवस्था में मुख्याध्यापकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति नियमित रूप से ऑनलाइन दर्ज हो। मुख्याध्यापक के अनुपस्थित रहने पर प्रभारी मुख्याध्यापक को यह जिम्मेदारी निभानी होगी।

महाराष्ट्र सरकार की इस पहल से स्कूलों में उपस्थिति की निगरानी को डिजिटल बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, शिक्षकों की रोजाना उपस्थिति का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने और प्रशासनिक स्तर पर उसकी समीक्षा करने में भी सुविधा हो सकती है।

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