केतन अग्रवाल हत्या मामला सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

केतन अग्रवाल हत्याकांड की साजिश बेनकाब, पुणे पुलिस ने दाखिल की 5,053 पन्नों की चार्जशीट, मंगेतर-प्रेमी आरोपी

Agrawal Murder Case: लोहगढ़ किले से गिरकर हुई कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। मंगेतर सिया व चेतन मुख्य आरोपी हैं।

रूपम सिंह

Pune Lohagad Fort Ketan Agrawal Murder Case: लोहगढ़ किले से गिरकर हुए रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने वडगांव-मावल अदालत में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस ने इस मामले को महज एक दुर्घटना मानने से पूरी तरह इनकार करते हुए इसे गहरी साजिश के तहत की गई सुनियोजित हत्या बताया है।

इस बहुचर्चित और सनसनीखेज मामले में मृतक की मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जिनकी संलिप्तता को लेकर पुलिस ने कई अहम खुलासे किए हैं।

प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान ने मोड़ दिया जांच का रुख

पुलिस ने चार्जशीट में लगभग 80 से 85 गवाहों के विस्तृत बयान दर्ज किए हैं। इनमें तीन ऐसे महत्वपूर्ण प्रत्यक्षदर्शी भी शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर वारदात के दौरान सिया और चेतन को मौके पर देखा था। पुलिस ने व्हाट्सऐप चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल डेटा और तकनीकी विश्लेषण प्रमाणपत्रों को इस मामले का मुख्य वैधानिक आधार बनाया है।

हादसे से हत्याः 85 गवाह, सीसीटीवी बने जांच के आधार

लोहगढ़ किले के टिकट काउंटर के पास लगे सीसीटीवी फुटेज में एक हुडी पहने व्यक्ति यानी चेतन चौधरी को केतन और सिया के पीछे जाते हुए देखा गया था। पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन चेतन ने अपना मोबाइल फोन कार्यस्थल पर ही छोड़ दिया था और सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक उसके फोन का इंटरनेट बंद रखा गया था,

जो उसकी संदिग्ध भूमिका को पुख्ता करता है। शुरुआत में 26 वर्षीय केतन की 18 जून 2026 को लोहगढ़ किले से करीब 400 फीट गहरी खाई में गिरने से हुई मौत को फोटोग्राफी के दौरान पैर फिसलने से हुआ हादसा माना गया था।

हालांकि, बाद में तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के सामने आने के बाद मामले का रुख पूरी तरह बदल गया। चार्जशीट में यह भी सामने आया है कि 18 जून की घटना से ठीक पहले 14 जून को भी सिया के साथ लोहगढ़ गए केतन को कथित रूप से खाई में धकेलने का असफल प्रयास किया गया था, जिसमें वह एक झाड़ी पकड़कर सुरक्षित बच गया था। पुणे पुलिस ने इस पुरानी घटना को भी साजिश की एक कड़ी के रूप में शामिल किया है।

ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री भी न्यायिक प्रक्रिया में मददगार

जांचकर्ताओं ने आरोपी सिया की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री का भी चार्जशीट में विशेष उल्लेख किया है। इसके मुताबिक, उसने वर्ष 2025 में लोहगढ़ में हुई एक महिला की मौत से जुड़े मामले और अन्य हाई-प्रोफाइल वारदातों के बारे में ऑनलाइन जानकारी खंगाली थी। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी और वे फिलहाल कस्टडी में है।

सितंबर की शुरुआत में चेतन के करीबी मित्र रितेश हांगे की गिरफ्तारी से इस मामले का दायरा और अधिक व्यापक हुआ था। पुलिस ने उस पर साजिश की जानकारी होने का आरोप लगाया है। 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल होने के साथ ही जांच का मुख्य चरण पूरा हो गया है और अब अदालत इन गवाहों, डिजिटल साक्ष्यों व दस्तावेजों के आधार पर अपनी न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।

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