Sant Tukaram Maharaj Palkhi Ringan: 'जहां जाता हूं वहां तू मेरा साथी है, हाथ पकड़कर तू ही रास्ता दिखाता है...' संत तुकाराम महाराज के अभंग के भावार्थ को साकार करते हुए संत तुकाराम महाराज पालकी समारोह का रिंगण समारोह इंदापुर नगरी में भक्तिभाव और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। ताल-मृदंग की गूंज, 'ज्ञानोबा-तुकाराम' के अखंड जयघोष, झिम्मा फुगड़ी के उत्साह और हजारों वारकरियों की उपस्थिति से पूरा इंदापुर शहर विठ्ठलमय हो गया।
संत तुकाराम महाराज की पालकी का रथ सुबह 11.51 बजे रयत शिक्षण संस्था के सौ. कस्तुरबाई श्रीपति कदम विद्यालय के प्रांगण में पहुंचा। इस दौरान हल्की बारिश की फुहारों ने भी समारोह के मंगलमय वातावरण में और रंग भर दिया।
समारोह की शुरुआत नगाड़ाखाना, दिंडी, हंडा, तुलसी और वीणा की पारंपरिक मान-परंपरा के साथ हुई। इसके बाद मान के अश्व का रिंगण संपन्न हुआ। रिंगण के बाद वारकरियों, महिलाओं और श्रद्धालुओं ने झिम्मा, फुगड़ी सहित विभिन्न पारंपरिक खेलों में भाग लिया और विठ्ठल नाम का जयघोष किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए अन्नदान की व्यवस्था भी की गई थी। निमगांव केतकी में रात्रि विश्राम के बाद
प्रातःकालीन आरती के उपरांत संत
तुकाराम महाराज की पालकी इंदापुर शहर पहुंची। रिंगण समारोह के बाद पालखी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) परिसर में रात्रि विश्राम के लिए ठहरी। रविवार को पालकी का इंदापुर तहसील में चौथा तथा पुणे जिले का अंतिम पड़ाव सराटी में होगा।
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