Government Job Fraud Crime News: सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 31 वर्षीय युवती से कथित तौर पर 5 लाख 17 हजार रुपये लेने के मामले में पर्वती पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान सासवड निवासी देवानंद साठे और बारामती निवासी राजेंद्र शिरसाट के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह कथित धोखाधड़ी 23 फरवरी 2025 से 12 सितंबर 2025 के बीच हुई। सिंहगढ़ रोड क्षेत्र में रहने वाली युवती ने इस संबंध में पर्वती पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता युवती की मां की पहचान आरोपी देवानंद साठे से थी। साठे ने कथित तौर पर युवती के परिवार को बताया कि राजेंद्र शिरसाट सरकारी नौकरी लगवा सकता है। इसके बाद युवती और उसके परिवार ने शिरसाट से संपर्क किया और उससे मुलाकात की।
आरोप है कि शिरसाट ने सरकारी नौकरी दिलाने के लिए पैसे देने की बात कही। इसके बाद युवती से अलग-अलग समय पर कुल 5 लाख 17 हजार रुपये लिए गए। शिकायत के अनुसार, रकम लेने के बावजूद युवती को कोई सरकारी नौकरी नहीं मिली।
कुछ समय बाद युवती को कथित तौर पर एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हो रही है। इसके बाद उसने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे। हालांकि, शिकायत के अनुसार, दोनों ने रकम लौटाने में कथित तौर पर टालमटोल की। काफी समय तक पैसे वापस नहीं मिलने के बाद युवती ने पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस के अनुसार, युवती ने पिछले वर्ष पर्वती पुलिस थाने में शिकायत आवेदन दिया था। पुलिस ने आवेदन की जांच और उपलब्ध जानकारी के आधार पर अब मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक सुभाष महाले कर रहे हैं। पुलिस अब कथित लेनदेन, आरोपियों और शिकायतकर्ता के बीच संपर्क तथा नौकरी दिलाने के नाम पर किए गए वादों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस ने नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं से भी अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति को बड़ी रकम देने से पहले संबंधित दावे और नियुक्ति प्रक्रिया की आधिकारिक स्तर पर पुष्टि करें।