Pune PMC Fursungi Uruli Devachi: पुणे मनपा द्वारा फुरसुंगी उरुली देवाची क्षेत्र में अवैध डंपिंग के खिलाफ स्थानीय ग्रामवासी आक्रामक हो गए हैं। नियमों को ताक पर रखकर यहाँ करीब 80,000 मीट्रिक टन कचरा जमा करने से भारी प्रदूषण और स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है। नाराज ग्रामीणों ने कचरा वाहनों को रोककर विरोध जताया। इस गैरकानूनी कृत्य के खिलाफ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2000 के तहत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है, साथ ही ग्रामीण अब महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जाने की तैयारी में हैं।
ग्रामवासियों द्वारा की गई जांच में यह सामने आया है कि महानगरपालिका पुराने कचरे के निपटारे के बहाने शहर के विभिन्न रैंपों से सीधे ताजा और गीला कचरा यहां लाकर डाल रही है। इस कचरे में सड़ा हुआ भोजन और बदबूदार अपशिष्ट पदार्थ शामिल हैं। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का दावा है कि कचरा ढोने वाले ठेकेदार ने भी खुद यह बात मानी है कि यह सारा कचरा हाल ही में शहर से लाया गया है, जो प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है।
गीले कचरे के कारण पूरे क्षेत्र में भयानक दुर्गंध फैल गई है, जिससे स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। इसी बात से नाराज होकर ग्रामीणों ने रविवार की सुबह शहर से आने वाली कचरा गाड़ियों को रास्ते में ही रोक दिया और उन्हें वापस खदेड़ दिया।
इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने पुणे मनपा प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने पुणे मनपा के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग के उपायुक्त संतोष वारुळे से फोन पर संपर्क किया और उन्हें मौके पर आकर स्थिति देखने को कहा। घटनास्थल उपायुक्त महोदय ने ग्रामीणों को पर आकर मिलने का भरोसा दिया था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार वे शाम तक वहां नहीं पहुंचे, जिससे लोगों का गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया।
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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम 2000 के तहत खुले में कचरा फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद पुणे मनपा द्वारा किए जा रहे अवैध कार्य के खिलाफ फुरसुंगी और उरुली देवाची के नागरिकों ने फुरसुंगी पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
वहीं पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के लिए मनपा प्रशासन पर तुरंत मामला दर्ज किया जाए। प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर रणजित रासकर, विशाल हरपले, ज्ञानेश्वर कामठे और नगरसेवक एड। अमोल कापरे सहित ग्रामीणों ने अब महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिलकर मनपा के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया है।