Pune Dimbhe Dam Water Discharge Pune Ambegaon Ghod River Alert: पुणे के आंबेगांव तहसील में पर्वतीय क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही वर्षा के कारण शहीद बाबू गेनू सागर डिंभे बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ते जल संग्रह को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे से बांध के स्पिलवे से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ा दी है। इसके बाद घोड़ नदी में जलप्रवाह बढ़ गया है और नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार पहले बांध से छह हजार आठ सौ घनफुट प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा था। अब इसे बढ़ाकर आठ हजार पांच सौ घनफुट प्रति सेकंड कर दिया गया है। इसके अलावा जलविद्युत केंद्र से पांच सौ पचास घनफुट प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है। सिंचाई के लिए फिलहाल कोई जलप्रवाह नहीं छोड़ा गया है। इस प्रकार बांध से कुल नौ हजार पचास घनफुट प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है।
इसमें से आठ हजार नौ सौ सत्तर घनफुट प्रति सेकंड पानी घोड़ नदी में प्रवाहित हो रहा है, जबकि दाहिनी नहर में अस्सी घनफुट प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि वर्षा का क्रम जारी रहा और जल संग्रह में वृद्धि होती रही तो आवश्यकता के अनुसार जल प्रवाह में और बढ़ोतरी की जा सकती है।
प्रशासन ने घोड़ नदी के किनारे बसे गांवों के नागरिकों, किसानों और पशुपालकों से नदी में प्रवेश नहीं करने, पशुओं तथा कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है। साथ ही स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
स्पिलवे से आठ हजार पांच सौ घनफुट प्रति सेकंड और जलविद्युत केंद्र से पांच सौ पचास घनफुट प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है। कुल जल प्रवाह नौ हजार पचास घनफुट प्रति सेकंड है। इसमें से अधिकांश पानी सीधे घोड़ नदी में प्रवाहित किया जा रहा है।
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प्रशासन ने लोगों से नदी के पास अनावश्यक आवाजाही नहीं करने, बच्चों को नदी किनारे न जाने देने, पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाने और खेती के उपकरण नदी क्षेत्र से हटाने की अपील की है। जलप्रवाह में किसी भी समय और वृद्धि संभव होने के कारण अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
जल संसाधन विभाग ने बताया कि वर्षा की स्थिति और बांध में जलसंग्रह की निरंतर समीक्षा की जा रही है। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो परिस्थितियों के अनुसार जलप्रवाह बढ़ाया जाएगा। ऐसे में नदी किनारे के गांवों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।