पुणे नगर निगम का प्रशासनिक भवन (सोर्स: सोशल मीडिया)
पुणे

पुणे नगर निगम में एसी कमरों का कारभार बंद, सहायक आयुक्तों और जूनियर इंजीनियरों को रोज सुबह करनी होगी पैदल गश्त

Pune PMC News :पुणे मनपा आयुक्त ने सभी सहायक आयुक्तों और कनिष्ठ अभियंताओं के लिए प्रतिदिन सुबह अपने-अपने वार्डों में पैदल गश्त कर नागरी समस्याओं का निरीक्षण और ऑन-द-स्पॉट निस्तारण अनिवार्य कर दिया है।

वेदांत जोशी

Pune Civic Issues: पुणे शहर में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा बदलाव किया गया है। पुणे नगर निगम (PMC) के आयुक्त नवल किशोर राम ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के सहायक आयुक्तों और कनिष्ठ अभियंताओं (Junior Engineers) के लिए प्रत्येक कार्यदिवस की सुबह अपने-अपने क्षेत्रों में पैदल गश्त (Foot Inspection) करना अनिवार्य कर दिया है। इस आदेश के बाद अब अधिकारी दफ्तरों में बैठकर केवल कागजी रिपोर्ट तैयार करने के बजाय खुद धरातल पर उतरकर व्यवस्था का जायजा लेंगे।

सड़क, पानी, कचरा और अतिक्रमण पर रहेगी सीधी नजर

सुबह के निरीक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों को सड़कों की दुरवस्था, नालियों व ड्रेनेज नेटवर्क की सफाई, कचरा प्रबंधन, जलापूर्ति की स्थिति, अवैध अतिक्रमण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की मौके पर जाकर पड़ताल करनी होगी। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन समस्याओं का समाधान तुरंत संभव हो, उन्हें बिना किसी देरी के मौके पर ही निपटाया जाए, ताकि नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए पुणे नगर निगम के दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

'बिफोर-आफ्टर' फोटो और डिजिटल रिपोर्टिंग अनिवार्य

यदि किसी समस्या के समाधान के लिए मुख्य मुख्यालय की मंजूरी या भारी उपकरणों की आवश्यकता है, तो उसे बिना समय गंवाए संबंधित विभाग प्रमुख को रेफर किया जाएगा। काम की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधिकारियों को समस्या के समाधान से पहले और बाद की तस्वीरें/वीडियो डिजिटल साक्ष्य के रूप में अपलोड करनी होंगी। सभी अधिकारियों को हर शुक्रवार को एक विशेष गूगल शीट के माध्यम से अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट आयुक्त को सौंपनी होगी।

सोमवार को होगी समीक्षा बैठक; ढिलाई बरतने पर होगी कार्रवाई

निरीक्षण की इस पूरी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए मनपा आयुक्त नवल किशोर राम प्रत्येक सोमवार की सुबह समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। आयुक्त ने साफ कर दिया है कि नई प्रणाली का पालन न करने या नागरी समस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

BRICS डिनर में नहीं पहुंचे कांग्रेस के 3 CM, बांसुरी स्वराज ने घेरा, बोली- पार्टी का नहीं, भारत का मंच था

दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा DUSU चुनाव का मामला, लिंगदोह कमेटी के नियमों में उल्लंघन का आरोप

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! इन 3 सरकारी योजनाओं से हर साल ₹6,000 और 5 लाख तक लोन का फायदा, पढ़ें पूरी खबर

भारत में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस, मेटा ने अनुचित कंटेंट की रिपोर्टिंग पर सहमति जताई

15 सितंबर को क्यों मनता है इंजीनियर्स डे, कौन थे एम. विश्वेश्वरैया, जानें राष्ट्र निर्माण में क्या था योगदान