चंद्रशेखर बावनकुले और अजित पवार (सौ. सोशल मीडिया ) 
पुणे

Mahayuti में तकरार के संकेत? बावनकुले की अजित पवार को सार्वजनिक नसीहत

Maharashtra Local Body Election से पहले भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार को भाजपा की आलोचना से बचने की सलाह दी है। उन्होंने महायुति में तय आपसी सहमति की याद दिलाई।

अपूर्वा नायक

Chandra Shekhar Bawankule Statement On Ajit Pawar: महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार को भाजपा की आलोचना करने से बचना चाहिए और उसे 'अतीत के पन्ने खोलने' के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए।

भाजपा नेता बावनकुले ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पवार को नगर निकाय चुनावों से पहले 'महायुति' की समन्वय समिति में सर्वसम्मति से लिये गये उस निर्णय की याद दिलाई कि भले ही गठबंधन के सहयोगी अलग-अलग चुनाव लड़ें लेकिन वे प्रचार के दौरान एक-दूसरे की आलोचना नहीं करेंगे।

राज्य में विभिन्न महानगरपालिकाओं के चुनाव 15 जनवरी को होंगे। बावनकुले ने कहा कि मुझे उम्मीद थी कि पवार उस आपसी सहमति का पालन करेंगे। दूसरी ओर, अगर आप देखें तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (भाजपा के) उस नियम का पालन कर रहे हैं क्योंकि वह पवार की पार्टी (राकांपा) या एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की आलोचना नहीं कर रहे हैं।

मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि कोई भी अतीत की बातों में वापस नहीं जाना चाहता। अजित पवार 'महायुति' के तीन प्रमुख नेताओं में से एक हैं और मुझे उम्मीद है कि वह भाजपा या अन्य गठबंधन सहयोगियों की आलोचना नहीं करेंगे।

सिंचाई घोटाले से जुड़ा मामला अभी भी लंबित

पवार ने कथित तौर पर कहा था कि वह 'महायुति में उन लोगों के साथ बैठे हैं जिन्होंने कभी उन पर 70,000 करोड रुपये के सिवाई घोटाले में आरोप लगाए थे। इस संदर्भ में बावनकुले से पूछा गया कि क्या वास्तव में अनियमितताएं हुई थी? इस पर बावनकुले ने कहा कि कथित घोटाले से जुड़ा मामला अभी भी अदालत में लंबित है। फैसला आने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।

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