बारामती सौर ऊर्जा प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0: बारामती मंडल के 1.43 लाख किसानों को दिन में मिल रही बिजली

Baramati Solar Power: मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0 से बारामती मंडल के 1.43 लाख किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। 58 हजार से अधिक किसानों को सौर पंप से मुफ्त बिजली मिली है।

रूपम सिंह

Mukhyamantri Saur Krishi Vahini Yojana 2.0: देश के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों के बीच महाराष्ट्र में 'मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2।0' के माध्यम से किसानों के लिए 'ऊर्जा स्वाधीनता' का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। कृषि पंपों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना से किसानों की सिंचाई व्यवस्था को बहुत बड़ा प्रोत्साहन मिल रहा है।

इस योजना के तहत बारामती मंडल के 1 लाख 43 हजार किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति का लाभ मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर, सौर पंपों के लगने से 58 हजार 684 किसानों को उनके अधिकार की, भरोसेमंद, मुफ्त और दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई गई है।

पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर कम हो रही निर्भरता

  • मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0 के तहत अधिक कृषि भार वाले सब-स्टेशनों के आसपास विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा परियोजनाएं लगाई जा रही हैं। इनके माध्यम से कृषि फीडरों का सौर ऊर्जाकरण किया जा रहा है।

  • पहले किसानों को रोटेशन व्यवस्था के तहत कभी दिन तो कभी रात में बिजली दी जाती थी।

  • रात में खेतों में पानी देने की किसानों की मजबूरी को दूर कर दिन में सुरक्षित

  • बिजली देना ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। दिन में बिजली मिलने से किसान अपनी सिंचाई की योजना अधिक सुविधापूर्वक बना पा रहे हैं।

  • रात के समय खेतों में जाकर फसलों को पानी देने की जरूरत खत्म होने से किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।

  • समय और श्रम दोनों की भारी बचत हो रही है।

  • साथ ही पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हो रही है।

किस मंडल में कितने मेगावाट की परियोजनाएं

सोलापुर मंडल : 984 एकड़ भूमि पर 243 मेगावाट क्षमता की 43 परियोजनाएं स्थापित की गई, जिससे 50,360 किसानों को दिन में बिजली मिल रही है।

सातारा मंडल: 861 एकड़ भूमि पर 175 मेगावाट क्षमता की 42 परियोजनाएं स्थापित की गई, जिससे 57,438 किसानों को लाभ मिला है।

बारामती ग्रामीण मंडल: 555 एकड़ भूमि पर 111 मेगावाट क्षमता की 22 परियोजनाएं लगाई गई, जिससे 35,541 किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई गई है।

किसानों को रात की सिंचाई का झंझट खत्म

पीएम कुसुम और 'मागेल त्याला सौर कृषि पंप' (मांगने पर सौर कृषि पंप) योजना के माध्यम से सिंचाई का स्थायी स्रोत रखने वाले किसानों को उनकी जमीन के अनुसार 3 से 7.5 एचपी क्षमता के पंप प्रदान किए जा रहे है। इसके लिए किसानों को कुल लागत का केवल 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा देना होता है, बाकी खर्च केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दिया जाता है।

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