अर्णव पापरकर (सोर्स-सोशल मिडीया) 
पुणे

36 साल बाद जूनियर विंबलडन क्वार्टर फाइनल में पहुंचा भारतीय, पुणे के अर्णव पापरकर ने रचा इतिहास

Pune Tennis Player: पुणे के 18 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी अर्णव पापरकर जूनियर विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे। 1990 में लिएंडर पेस के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे पहले भारतीय हैं।

रूपम सिंह

Pune Tennis Player Arnav Paparkar Wimbledon: निहार रंजन सक्सेना नवभारत। लंदन। आईटीएफ जूनियर वर्ल्ड नंबर 19 अर्णव पापरकर जूनियर विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले 36 साल में पहले भारतीय बन गए हैं। पुणे, महाराष्ट्र के 18 साल के अर्णव ने 52 मिनट चले मैच में जापान के र्यों तवाता को सीधे सेटों में 6-2, 6-1 से हराया।

वह लिएंडर पेस के बाद अंतिम 8 में पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं। पेस 1990 में शानदार जीत के सफर के दौरान क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे। पेस उन तीन भारतीयों में से एक हैं जिन्होंने जूनियर खिताब जीता है।

उनके साथ रामनाथन कृष्णन और रमेश कृष्णन भी इस सूची में शामिल हैं। एक दिन पहले पापरकर ने वर्ल्ड नंबर 3 कीटन हैंस को सीधे सेटों में हराकर चौंकाने वाली जीत हासिल की थी। अब क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला यूएसए के जॉर्डन ली या तनिष्क कोंडूरी में से किसी एक से होगा।

बिना किसी खेल-कूद वाली पृष्ठभूमि वाले परिवार में 2008 में जन्मे पापरकर का टेनिस के प्रति जुनून एक सुखद संयोग की तरह जागा। उन्होंने कहा, 'मुझे खेल बहुत पसंद हैं। मैं जो भी खेल सकता था खेलता था। टेबल टेनिस, तैराकी, क्रिकेट, फुटबॉल। जहां मैं तैराकी के लिए जाता था,

उसके ठीक बगल में एक टेनिस कोर्ट था और मैं वहां रुककर टेनिस देखता था। जब मैं 6 साल का था, तो कोच ने मुझे शामिल होने के लिए कहा और मैंने टेनिस खेलना शुरू कर दिया।' खेल के प्रति उनके जुनून और उनकी प्रतिभा को देखते हुए अर्णव के माता-पिता ने उनके विकास में काफी निवेश किया। उन्होंने उनके अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के सफर का खर्च उठाया और उन्हें वैश्विक स्तर के लिए तैयार करने के लिए स्पेन में ट्रेनिंग का इंतजाम किया।

अब टॉप 20 में शामिल

पस्कर को पहली बड़ी सफलता 2023 में मेलबर्न में प्रतिष्ठित ऑस्ट्रेलियन ओपन अंडर- 14 एशिया-पैसिफिक एलीट ट्रॉफी में मिली। उसी साल बाद में वह कोल्हापुर में नेशनल अंडर-16 चैंपियन बने, जहां उन्होंने वाइल्डकार्ड क्वालीफायर के तौर पर एंट्री की थी। - 2024 में अपने 16वें जन्मदिन पर उन्होंने एटीपी चैलेंजर में डेब्यू किया, क्योंकि उन्हें - वाइल्डकार्ड के तौर पर एंट्री मिली थी।

उन्होंने अपने पहले बड़े इंटरनेशनल जूनियर खिताब जीते, जिनमें बहरीन में आईटीएफ जे 60 मनामा और 2025 में जे 200 कुआलालंपुर शामिल हैं। जनवरी में उन्हें एआईटीए बॉयज अंडर 18 नेशनल नंबर 1 खिलाड़ी का दर्जा मिला और वे लगातार 21 हफ्तों तक टॉप पर बने रहे। वे रोलां गैरो जूनियर चैंपियनशिप 2026 के - तीसरे राउंड तक पहुंचे, जिससे वे दुनिया के टॉप 20 खिलाडियों में शामिल हो गए।

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