इंद्रायणी नदी (सोर्सः सोशल मीडिया)
पुणे

आलंदी के इंद्रायणी नदी में गणेश विसर्जन पर रोक, नगर परिषद ने श्रद्धालुओं से तय केंद्रों पर विसर्जन की अपील की

Alandi Ganesh Visarjan: आळंदी नगर परिषद ने इंद्रायणी नदी को स्वच्छ रखने के लिए नदी में गणेश मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध जारी रखा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 6 स्थानों पर कृत्रिम टैंक बनाए गए हैं।

वेदांत जोशी

Indrayani River Eco Friendly Visarjan Pune: पुणे जिले के आलंदी में गणेशोत्सव के दौरान इंद्रायणी नदी में सीधे गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने पर रोक जारी है। आलंदी नगर परिषद ने नदी की स्वच्छता बनाए रखने और उसकी धार्मिक पवित्रता की रक्षा के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की है। यह नियम वर्ष 2017-18 से प्रभावी है और इस साल भी इसका सख्ती से पालन कराया जा रहा है।

छह स्थानों पर बनाए गए विसर्जन केंद्र

श्रद्धालुओं को नदी तक प्रतिमा ले जाने से रोकने के लिए नगर परिषद ने आलंदी में छह स्थानों पर प्रतिमा विसर्जन केंद्र और कृत्रिम विसर्जन टैंक बनाए हैं। ये केंद्र वैतागेश्वर मंदिर स्थित इंद्रायणी घाट, झाडीबाजार नदी घाट, Y जंक्शन, नगर परिषद चौक, केंदेरे महाराज मठ और सिद्धबेट में स्थापित किए गए हैं।

नदी तक जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग

नगर परिषद ने इंद्रायणी नदी की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर बैरिकेड्स लगाए हैं। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को प्रतिमाएं सीधे नदी तक ले जाने से रोकना और उन्हें निर्धारित विसर्जन केंद्रों की ओर मार्गदर्शित करना है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं और गणेश मंडलों से व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई है।

74 कर्मचारियों की तैनाती

विसर्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए नगर परिषद ने कुल 74 कर्मचारियों को तैनात किया है। इनमें 11 अधिकारी और 63 कर्मचारी शामिल हैं। प्रत्येक केंद्र पर एलईडी लाइट, टेबल, कुर्सियां और माइक्रोफोन-स्पीकर की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी और दिशा-निर्देश आसानी से दिए जा सकें।

निर्माल्य के लिए अलग व्यवस्था

नगर परिषद स्वच्छ भारत और माझी वसुंधरा अभियानों के तहत स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान भी चला रही है। पूजा के बाद निकलने वाले निर्माल्य को एकत्र करने के लिए अलग व्यवस्था की गई है। इसे नदी में प्रवाहित करने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जाएगा।

नगर परिषद ने लोगों से सहयोग की अपील की

नगर परिषद के अनुसार मंगलवार, 15 सितंबर को निर्धारित संग्रह केंद्रों पर 92 गणेश प्रतिमाएं जमा की गईं। मुख्य अधिकारी माधव खंडेकर और नगर परिषद अध्यक्ष प्रशांत कुन्हाडे ने नागरिकों, गणेश मंडलों और श्रद्धालुओं से इंद्रायणी नदी में प्रत्यक्ष विसर्जन से बचने तथा निर्धारित केंद्रों का इस्तेमाल करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि नदी को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखना भविष्य के लिए जरूरी है।

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