Ajit Pawar Plane Crash Investigation: पुणे में 28 जनवरी को हुए दर्दनाक विमान हादसे में महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के मामले में अपराध अन्वेषण विभाग (CID) की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सीआईडी ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में VSR एविएशन कंपनी के मालिक वी.के. सिंह और अन्य अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। डीजीसीए (DGCA) की हालिया रिपोर्ट में कंपनी की कार्यप्रणाली में कई गंभीर खामियां पाए जाने के बाद सीआईडी ने जांच की गति तेज कर दी है, जिससे इस हादसे के पीछे किसी बड़ी लापरवाही या साजिश की आशंका गहरा गई है।
मुंबई से बारामती जा रहे इस निजी विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई थी। हादसे में अजित पवार समेत चार अन्य लोगों की जान चली गई थी। शुरुआत में बारामती पुलिस ने इसे एक आकस्मिक मृत्यु (ADR) के रूप में दर्ज किया था, लेकिन मामले की गंभीरता और परिवार द्वारा उठाए गए सवालों के बाद जांच सीआईडी को सौंप दी गई थी। अब सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारी इस बात की तहकीकात कर रहे हैं कि क्या विमान की उड़ान से पहले सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी या इसके पीछे कोई आपराधिक षड्यंत्र था।
सीआईडी की पूछताछ का मुख्य केंद्र विमान की बुकिंग प्रक्रिया, उसके रखरखाव (Maintenance) और कंपनी के दस्तावेजों पर टिका है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस विशिष्ट उड़ान के लिए विमान और पायलट का चयन किसने और किन आधारों पर किया था। वी.के. सिंह और रोहित सिंह से विमाना की तकनीकी स्थिति और पिछले सर्विस रिकॉर्ड के बारे में कड़ी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि कंपनी के परिचालन संबंधी अनियमितताओं ने ही इस घातक हादसे की नींव रखी होगी।
ये भी पढ़ें- महाराष्ट्र में बड़ी कर्ज माफी का काउंटडाउन शुरू: कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने 30 जून की समयसीमा तय की
हादसे के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 24 फरवरी 2026 को अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें वीएसआर कंपनी की कई तकनीकी और प्रशासनिक गलतियों को उजागर किया गया था। इस रिपोर्ट के आने के बाद अजित पवार के पुत्र जय पवार ने एक वीडियो साझा कर रोहित सिंह और कंपनी प्रबंधन पर 'गंभीर लापरवाही' का आरोप लगाया था। जय पवार के इन आरोपों के बाद ही सीआईडी ने कंपनी के मालिकों को सीधे समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है, जिससे कंपनी पर कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
पुणे स्थित सीआईडी कार्यालय में पिछले कई घंटों से वी.के. सिंह और कंपनी के अन्य वरिष्ठ कर्मचारियों से मैराथन पूछताछ जारी है। सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी जल्द ही रोहित सिंह को भी पूछताछ के लिए बुलाने वाली है। जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या हादसे से पहले विमान में किसी तरह की तकनीकी खराबी की सूचना दी गई थी जिसे नजरअंदाज किया गया। इस पूछताछ से निकलने वाले तथ्य यह तय करेंगे कि इस मामले में किन धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा और किन लोगों की गिरफ्तारी संभव है।