अमित शाह ने अजीत डोभाल को सम्मानित किया (सोर्स: सोशल मीडिया) 
पुणे

NSA अजीत डोभाल को मिला प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड, अमित शाह ने सौंपा सम्मान

Lokmanya Tilak Award 2026: NSA अजीत डोभाल को पुणे में आयोजित समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया। राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके अभूतपूर्व योगदान की सराहना भी की।

गोरक्ष पोफली

Ajit Doval Honored With Lokmanya Tilak National Award: महाराष्ट्र के पुणे में शनिवार को आयोजित समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए अजीत डोभाल को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार ग्रहण करने के बाद उपस्थित अतिथियों ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की प्रशंसा की।

समारोह में कई दिग्गज हस्तियां रहीं मौजूद

इस समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, लोकमान्य तिलक ट्रस्ट के ट्रस्टी रोहित तिलक सहित विभिन्न क्षेत्रों के अनेक व्यक्ति और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए इस समारोह ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के राष्ट्रसेवा के विचारों को एक बार फिर स्मरण कराया।

सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले NSA का सफर

81 वर्षीय अजीत डोभाल भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं और अभी इस पद पर बने हुए हैं। अपने लंबे करियर में उन्होंने मिजोरम, सिक्किम, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाकों में काम किया है। इस्लामाबाद और लंदन में भारतीय मिशनों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। डोभाल भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए भारत के विशेष प्रतिनिधि भी रह चुके हैं। 2017 में डोकलाम गतिरोध को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने में उनकी भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया था। राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर उनके रणनीतिक फैसलों और आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है।

1983 से दिया जा रहा है यह प्रतिष्ठित पुरस्कार

लोकमान्य तिलक पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1983 में महाराष्ट्र मंडल, पुणे द्वारा की गई थी। यह पुरस्कार हर साल 1 अगस्त को स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्र की प्रगति, विकास और सामाजिक उत्थान में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। सबसे पहले यह पुरस्कार समाजवादी नेता एसएम जोशी को प्रदान किया गया था।

पिछले वर्षों में यह पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और इंदिरा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और एनसीपी के वरिष्ठ नेता शरद पवार सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियों को मिल चुका है।

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