Uddhav Thackeray Parbhani Speech: महाराष्ट्र की राजनीति में मचे घमासान के बीच शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे आज अपने परभणी दौरे पर थे, जहाँ उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विरोधियों और बागियों पर जमकर प्रहार किया। इस दौरान उद्धव ठाकरे का सबसे आक्रामक रूप तब दिखा जब उन्होंने राम मंदिर और हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा और शिंदे गुट को घेरा।
उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर में कथित भ्रष्टाचार और दान पेटी की चोरी के मामलों पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम हमारे लिए श्रद्धा का स्थान हैं, लेकिन कुछ लोगों ने इसे धंधा बना लिया है। उन्होंने याद दिलाया कि राम मंदिर के लिए कारसेवकों ने बलिदान दिया और 1992-93 के दंगों का दंश झेला, लेकिन अब मंदिर के नाम पर जो कुछ हो रहा है, वह हिंदुओं और हिंदुत्व के साथ गद्दारी है।
उद्धव ठाकरे ने परभणी के शिवसैनिकों और मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए एक भावुक बात भी कही। उन्होंने कहा कि वे उन मतदाताओं से क्षमा मांगने आए हैं जिन्होंने शिवसेना के सांसदों को जिताया था, लेकिन वे सांसद बाद में गद्दारी कर गए। सांसद बंडू जाधव (संजय जाधव) के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने पहले ध्यान दिया होता, तो इन बागियों के कई पुराने काले कारनामे बाहर आ गए होते। ठाकरे ने आरोप लगाया कि ये सांसद विकास के लिए नहीं, बल्कि निजी निधि के लालच में शिंदे गुट में शामिल हुए हैं।
हाल ही में चर्चा में आए ऑपरेशन टाइगर पर तंज कसते हुए उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाया कि क्या यह वाकई टाइगर का ऑपरेशन है या फिर ऑपरेशन देवेंद्र। उन्होंने संकेत दिया कि यह भाजपा की आंतरिक गुटबाजी का नतीजा भी हो सकता है, जहां कुछ लोग शायद देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली जाने से रोकना चाहते हों या उन्हें यहीं उलझाए रखना चाहते हों।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ अपनी हालिया विमान यात्रा पर रहस्य बरकरार रखते हुए ठाकरे ने कहा कि उस सफर में क्या बात हुई, यह आने वाले कुछ दिनों में पता चल जाएगा। साथ ही, शिंदे द्वारा खुद को विमान और ठाकरे को बेईमान कहे जाने पर उन्होंने तीखा जवाब दिया कि जो व्यक्ति अपनी पार्टी के प्रति निष्ठा नहीं रख सका, वह 'बेईमान' है और देवेंद्र फडणवीस भी जानते हैं कि वह व्यक्ति उनके प्रति कितना वफादार रहेगा।
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उद्धव ठाकरे ने NEET और TET पेपर लीक मामले पर सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि महाराष्ट्र में पेपर का फूटना शर्मनाक है। उन्होंने अपनी सरकार द्वारा दी गई कर्जमुक्ति और वर्तमान सरकार की 'कर्जमाफी' के बीच अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि माफी अपराधियों को दी जाती है, जबकि किसान हमारा अन्नदाता है, जिससे हम केवल ऋणमुक्त हो सकते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि महाविकास अघाड़ी को टिकाए रखने की जिम्मेदारी सभी घटक दलों की है और इसके लिए जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का एक होना जरूरी है। उद्धव ठाकरे के इस दौरे और उनके कड़े तेवरों ने साफ कर दिया है कि वे आने वाले चुनावों में गद्दारी के मुद्दे को पूरी ताकत से जनता के बीच ले जाने वाले हैं।