Vasai Virar Highway Dark Streetlights: मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करना इन दिनों अपनी जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। हाईवे के वसई-विरार वाले हिस्से में पिछले एक महीने से स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह गुल हैं।
वर्सोवा ब्रिज से लेकर विरार फाटा तक फैला यह अंधेरा न केवल वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन रहा है, बल्कि भीषण सड़क हादसों को खुला निमंत्रण भी दे रहा है।
यह हाईवे पहले से ही बड़े-बड़े गड्डों, उड़ती धूल और अवैध अतिक्रमण की मार झेल रहा है। अब लाइटें बंद होने से कोढ़ में खाज वाली स्थिति पैदा हो गई है। अंधेरे के कारण चालकों को सड़क की गहराई और मोड़ों का अंदाजा नहीं मिल पाता है।
सबसे खतरनाक स्थिति तब होती है जब भारी वाहन बिना किसी इंडिकेटर के बीच सड़क पर खड़े कर दिए जाते हैं। अंधेरे में ये वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे गाड़ियों के पलटने या फ्लाईओवर से नीचे गिरने का खतरा बना रहता है। अंधेरे की सबसे भयावह स्थिति ससुनावघर और नायगांव चिंचोटी और सतीवली वसई फाटा, पेल्हार विरार फ्लाईओवर पर देखी जा रही है।
स्थानीय नगरसेवक किशोर पाटिल ने NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। बार-बार शिकायत के बावजूद मरम्मत का काम ठप पड़ा है। अगर जल्द लाइटें शुरू नहीं हुई, तो किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
स्ट्रीट लाइटों के स्थायी रखरखाव के लिए अगले 8 से 10 दिनों के भीतर एक नई एजेंसी की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद पूरे स्ट्रेच पर रोशनी बहाल कर दी जाएगी।
सुहास चिटनिस, प्रोजेक्ट मैनेजर, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
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इस अव्यवस्था पर सफाई देते हुए NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर सुहास चिटनिस ने बताया कि हाईवे पर करीब 400 स्ट्रीट लाइटें हैं। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर बिजली के तारों की चोरी हुई है और कुछ तकनीकी खराबी भी है। इसके अलावा महावितरण के बिलों के भुगतान को लेकर भी कुछ पेच था, जिसे अब सुलझा लिया गया है।