Nalasopara Encroachment Traffic Problem News Update: वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नालासोपारा शहर में अतिक्रमण और यातायात की समस्या अब एक 'नासूर' बन चुकी है।
शहर के मुख्य मार्गों से लेकर स्टेशन परिसर तक फेरीवालों ने इस कदर कब्जा जमा लिया है कि पैदल चलने वालों के लिए जगह ही नहीं बची है। प्रशासन की 'दिखावे' वाली कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद सड़कों पर दोबारा दुकानें सज जाती हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि नगर निगम और पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। नालासोपारा पूर्व और पश्चिम, दोनों ही तरफ स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
विशेष रूप से कुछ इलाकों में स्थिति नियंत्रण से बाहर है संतोष भवन, गलानगर और अचोले रोड की मुख्य सड़कों पर फेरीवालों का डेरा रहता है। समेलपाड़ा नाका और राधाकृष्ण होटल के आसपास रिक्शा चालकों की मनमानी और अवैध पार्किंग ने यातायात की कमर तोड़ दी है।
हाल ही में महापालिका के दस्ते ने सतीवली, नायगांव ईस्ट ब्रिज, वालीव और तुंगारेश्वर जैसे इलाकों में बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की थी, लेकिन स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह महज एक औपचारिकता है। जैसे ही महापालिका की गाड़ी आती है, फेरीवाले गलियों में छिप जाते हैं और दस्ते के जाते ही फिर से सड़कों पर कब्जा जमा लेते हैं। प्रशासन और अतिक्रमणकारियों के बीच जारी इस 'चूहे-बिल्ली' के खेल में आम जनता पिस रही है। प्रशासन केवल सामान जब्त कर खानापूर्ति करता है। जब तक 24 घंटे निगरानी नहीं होगी, ये सड़कें कभी खाली नहीं होंगी।