Nashik Vegetable Prices Hotel Business Impact: नासिक और आसपास के क्षेत्रों में मानसून की रफ्तार अभी तक नहीं पकड़ने से सब्जी बाजार पर सीधा असर दिखाई देने लगा है। बारिश में देरी के कारण मंडियों में ताजा सब्जियों की आवक घट गई है, जिससे इस सप्ताह अधिकांश फल-सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े हैं। स्थिति यह है कि भिंडी, गिलकी और बैंगन को छोड़कर कई सब्जियां 100 रुपये प्रति किलो या उससे अधिक कीमत पर बिक रही हैं।
सब्जियों की लगातार बढ़ती कीमतों ने घरेलू रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। वहीं, होटल संचालकों पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। हालांकि, अधिकांश होटलों ने अभी तक खाने की थाली के दाम नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन बढ़ती लागत के चलते परोसी जाने वाली सब्जी की मात्रा में कटौती की जा रही है।
थोक व्यापारियों के अनुसार, नासिक मानसून में देरी के कारण नई फसलों की बुआई और रोपाई प्रभावित हुई है, जिससे बाजार में सब्जियों की आपूर्ति कम हो गई है। इसके चलते कई सब्जियों की कीमतों में करीब 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दूसरी ओर, स्कूल खुलने के बाद मांग बढ़ने से कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
नासिक बाजार में हरी मिर्च और शिमला मिर्च की आवक भी लगभग 30 प्रतिशत तक घट गई है। इसका असर कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है और दोनों ही 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रही हैं। किसानों का कहना है कि पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण नई मिर्च की फसल तैयार करना मुश्किल हो रहा है। वर्तमान में मध्यम तीखी हरी मिर्च की मांग सबसे अधिक बनी हुई है।
पत्तेदार सब्जियों की कीमतों में भी लगातार तेजी बनी हुई है। मेथी और प्याज पत्ती 50 रुपये प्रति गड्डी, धनिया 70 रुपये तथा पालक 30 रुपये प्रति गड्डी के भाव से बिक रही है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले 15 दिनों से मंडियों में सब्जियों की आवक लगभग स्थिर बनी हुई है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो सब्जियों की कीमतों में और बढ़ोतरी होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
| सब्जी का नाम | वर्तमान दर (₹/किलो) | 10 दिन पहले की दर (₹/किलो) |
|---|---|---|
| लहसुन | 200 | 180 |
| सहजन (शेवगा) | 120 | 100 |
| गवार | 120 | 100 |
| शिमला मिर्च | 100 | 80 |
| कुंदरू (तोंडले) | 80 | 60 |
| टमाटर | 60 | 50 |
| भिंडी | 80 | 60 |