सिंहस्थ कुंभ के नाम पर 600 करोड़ रुपये के फर्जी वर्कऑर्डर जारी फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
नासिक

कुंभ मेले के नाम पर 600 करोड़ का फर्जीवाड़ा! नासिक में बिना टेंडर जारी हुए फर्जी वर्क ऑर्डर

Nashik Kumbh Fake Workorders: नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ के नाम पर 600 करोड़ रुपये के फर्जी वर्कऑर्डर जारी किए जाने का मामला सामने आया है। मंत्री गिरीश महाजन ने खुलासा किया।

अंकिता पटेल

Nashik Kumbh Fake Work Orders: नासिक-त्र्यंबकेश्वर में वर्ष 2027 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के कार्यों के नाम पर 500 से 600 करोड़ रुपये के फर्जी कार्यारंभ आदेश यानी वर्कऑर्डर जारी किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

मंत्री गिरीश महाजन ने इस मामले का खुलासा किया है। आरोप है कि बिना किसी अधिकृत या ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया के फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठेकेदारों को कुंभ मेले के काम मिलने का झांसा दिया गया। इसके जरिए ठेकेदारों से आर्थिक ठगी का प्रयास किए जाने की आशंका है।

बिना निविदा प्रक्रिया के बांटे गए फर्जी कार्यारंभ आदेश

सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन कार्यों में होने वाले करोड़ों रुपये के खर्च का फायदा उठाने के लिए कुछ लोगों द्वारा रैकेट चलाए जाने का संदेह है। बिना किसी अधिकृत निविदा प्रक्रिया के ऑफलाइन तरीके से हूबहू दिखने वाले कार्यारंभ आदेश तैयार किए गए।

इन दस्तावेजों पर सरकारी कार्यालयों के लेटरहेड, जावक क्रमांक, अधिकारियों के नाम और हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर उन्हें अधिकृत दिखाने का प्रयास किया गया।

फर्जी दस्तावेजों पर संभागीय राजस्व आयुक्त तथा कुंभ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण गेडाम के नाम और डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयत्ता पर भी सवाल उठे हैं। फर्जी आदेशों के आधार पर ठेकेदारों से रकम लेने का प्रयास किया गया था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।

फर्जी आदेश मामले में कई संदिग्धों की भूमिका की जांच तेज

इस मामले में जलगांव, जामनेर, धुलिया और मुंबई क्षेत्र के कुछ संदिग्धों की भूमिका होने का संदेह जताया गया है। संबंधित लोगों ने ठेकेदारों से संपर्क कर कुंभ मेले के बड़े कार्यों के चर्कऑर्डर दिलाने का झांसा दिया था या नहीं तथा इस माध्यम से कितने ठेकेदारों के साथ ठगी हुई, इसकी जांच की जा रही है।

इससे पहले भी कुभ मेला प्राधिकरण के नाम पर करोड़ों रुपये के सीसीटीवी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुरक्षा व्यवस्था के फर्जी आदेश सामने आ चुके हैं, जिसके संबंध में पुलिस में मामला दर्ज किया गया है।

मुख्यमंत्री स्तर पर भी इस मामले को गंभीरता से लिया गया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए हजारों करोड़ रुपये के कार्य होने हैं। ऐसे में प्रत्येक निविदा, प्रशासनिक मंजूरी और कार्यारंभ आदेश की कड़ाई से जांच करने की जरूरत है। इस कथित रैकेट के मुख्य सूत्रधार कौन हैं और अब तक कितने ठेकेदारों से ठगी की गई है। इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा।

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