नासिक त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ (सोर्सः सोशल मीडिया)
नासिक

अमृतस्नान पर 75 लाख श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान, सिंहस्थ के लिए भीड़ का महाप्लान किया जा रहा तैयार

Nashik Kumbh Traffic Management: नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन का महाप्लान तैयार किया है।

आंचल लोखंडे

Simhastha Kumbh Crowd Management: नासिक-त्र्यंबकेश्वर में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान यातायात, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन की तैयारियों में नासिक के साथ ही संबद्ध जिलों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। कुंभ मेले की अवधि के लिए तैयार किए जा रहे नियोजन में संबंधित जिला प्रशासन और वहां की व्यवस्थाओं की भी अहम जिम्मेदारी होगी, यह बात नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम ने कही।

विभागीय आयुक्त कार्यालय में सिंहस्थ कुंभ मेले की पूर्व तैयारियों को लेकर नासिक संभाग के साथ पुणे, पालघर, ठाणे, छत्रपति संभाजीनगर तथा गुजरात के डांग और वलसाड जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। इस दौरान डॉ. गेडाम बोल रहे थे। बैठक में कुंभ मेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह, डांग के जिलाधिकारी एन। डी। परमार, अहिल्यानगर के जिलाधिकारी डॉ. पंकज आशिया, नासिक जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार तथा नासिक महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त अमित रंजन उपस्थित थे।

8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं की संभावित भीड़

डॉ. गेडाम ने कहा कि सिंहस्थ के अमृतस्नान पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। धुले, पालघर, मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर, पुणे आदि मार्गों से नासिक आने वाले श्रद्धालुओं को यातायात जाम का सामना न करना पड़े, इसके लिए संबद्ध जिलों को अभी से प्रभावी नियोजन करना आवश्यक है। नासिक जिला प्रशासन और कुंभ मेला प्राधिकरण के साथ समन्वय करते हुए संबंधित जिलों की सीमा में ही श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था की जाए। श्रद्धालुओं को जहां रोका जाएगा, वहां भोजन, पेयजल, शौचालय और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक होगा।

स्वच्छता, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन की तैयारी

नासिक शहर में भीड़ कम होने के बाद परिस्थितियों के अनुसार श्रद्धालुओं को नासिक की ओर रवाना करने की व्यवस्था स्थानीय प्रशासन को करनी होगी, ऐसा भी उन्होंने स्पष्ट किया। महामार्गों पर यातायात सुचारू रखना, भीड़ और जाम की स्थिति से बचना, श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अलग व्यवस्था करना तथा अन्य वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना आवश्यक है। इस पूरे नियोजन की जानकारी संबंधित जिलों की सभी व्यवस्थाओं को होना जरूरी है। महामार्गों के किनारे उपलब्ध स्थानों पर आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की दिशा में भी कार्रवाई की जाए। इसके लिए सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बेहद जरूरी है, ऐसा डॉ. गेडाम ने कहा।

शटल सेवा से होगा आवागमन

इस अवसर पर कुंभ मेला आयुक्त शेखर सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सिंहस्थ कुंभ मेला प्राधिकरण की ओर से चल रही पूर्व तैयारियों की जानकारी दी। साथ ही संबद्ध जिलों से अपेक्षित तैयारियों और उपाययोजनाओं के बारे में भी मार्गदर्शन किया। शेखर सिंह ने कहा कि पिछले नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले और हाल ही में प्रयागराज में हुए कुंभ मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए इस वर्ष सिंहस्थ के दौरान नासिक में करीब 8 से 10 करोड़ और त्र्यंबकेश्वर में करीब 4 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।

निजी वाहनों और बसों के प्रवेश पर रोक

अमृतस्नान पर्व के दिन नासिक में एक ही दिन करीब डेढ़ करोड़, जबकि त्र्यंबकेश्वर में 75 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। संभावित भीड़ के प्रबंधन के लिए प्राधिकरण ने व्यापक नियोजन तैयार किया है। निजी बसों, अन्य राज्यों की बसों और निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा, जबकि नियंत्रित क्षेत्र में महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल की बसों के माध्यम से शटल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। संबद्ध जिला प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात सुचारू रखने, घाट मार्गों को व्यवस्थित रखने तथा आपदा प्रबंधन की स्वतंत्र योजना तैयार कर उसके प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था करनी होगी।

ट्रैफिक और सुविधाओं का मेगा प्लान

यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं के लिए स्वतंत्र नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी इस बैठक में दिए गए। बैठक में धुलिया, जलगांव, नंदुरबार तथा वलसाड के जिलाधिकारी और पुणे व भुसावल के रेलवे के मंडल प्रबंधक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। महामार्ग पुलिस, क्षेत्रीय परिवहन विभाग, महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल, नगरपालिका प्रशासन तथा कुंभ मेला प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

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