श्याम मानव, एकनाथ शिंदे व रूपाली चाकणकर 
नासिक

श्याम मानव का आरोप: अशोक खरात केस में शिंदे और चाकणकर का कनेक्शन, जांच पर उठाए सवाल

Shyam Manav Allegations: नासिक के भोंदू बाबा अशोक खरात मामले में श्याम मानव ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और रूपाली चाकणकर पर लगाए गंभीर आरोप। जानें ब्लैकमेलिंग और राजनीतिक दांवपेच की पूरी कहानी।

गोरक्ष पोफली

Shyam Manav Allegations News: अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष श्याम मानव ने अशोक खरात मामले में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) की नेता रूपाली चाकणकर का नाम घसीटते हुए खलबली मचा दी है। श्याम मानव का दावा है कि अशोक खरात केवल एक भोंदू बाबा नहीं है, बल्कि वह उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के 'गुरु' और रूपाली चाकणकर के 'आराध्य' रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमें एकनाथ शिंदे का आभार मानना चाहिए, क्योंकि यदि खरात उनके करीबी नहीं होते, तो शायद यह मामला आज घर-घर तक नहीं पहुंचता।

राजनीतिक बदले की भावना से हो रही है जांच?

श्याम मानव ने आरोप लगाया कि इस मामले को जिस तरह से पुलिस द्वारा पूरी ताकत से हैंडल किया जा रहा है, उसके पीछे का असली कारण राजनीतिक है। उनके अनुसार, महायुति (गठबंधन) के भीतर ही अपने सहयोगियों एकनाथ शिंदे और राष्ट्रवादी कांग्रेस को नीचा दिखाने या उन्हें सबक सिखाने के उद्देश्य से पुलिस को इस मामले की गहराई से जांच करने की छूट दी गई है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि खरात किसी प्रभावशाली नेता का करीबी न होता, तो शायद पुलिस इस मामले को शुरुआती स्तर पर ही दबा देती।

फर्जी आयकर अधिकारी और ब्लैकमेलिंग का नेटवर्क

अशोक खरात के कामकाज के तरीकों पर रोशनी डालते हुए श्याम मानव ने बताया कि यह भोंदू बाबा बेहद शातिर था। खरात के शिष्यों में कथित तौर पर कई IPS महिला अधिकारी और बड़े ब्यूरोक्रेट्स शामिल रहे हैं। खरात विभिन्न माध्यमों से प्रभावशाली व्यक्तियों की 'ब्लैक इनकम' की जानकारी निकालता था। इसके बाद वह अपने गुर्गों को फर्जी 'इनकम टैक्स ऑफिसर' बनाकर उनके घरों पर छापे डलवाता था और ब्लैकमेलिंग के जरिए करोड़ों रुपये की वसूली करता था। श्याम मानव ने सवाल उठाया कि इस लंबे खेल के दौरान किसी भी पुलिस अधिकारी या राजनेता ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया?

सांस्कृतिक पतन पर गहरी चिंता और खेद

समाज की मौजूदा स्थिति पर कड़ा प्रहार करते हुए श्याम मानव ने कहा कि देश में आज भी लोग 'गुरु' के नाम पर किसी के भी सामने समर्पित हो जाते हैं। उन्होंने खरात के साथ महिलाओं के वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे बाबाओं को कुछ भी करने की जरूरत नहीं होती, केवल 'गुरु' होने का ठप्पा ही उन्हें सब कुछ उपलब्ध करवा देता है।

उन्होंने दुख व्यक्त किया कि जिस देश में महिलाओं की छेड़खानी पर मारपीट हो जाती है, उसी देश में हजारों महिलाएं 'संस्कृति' के नाम पर खुद को ऐसे ढोंगी बाबाओं को अर्पण कर रही हैं। उन्होंने इसे भारतीय समाज का एक भयावह और कड़वा सच करार दिया।

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