नाशिक सिंहस्थ कुंभ (सौ. सोशल मीडिया ) 
नासिक

नासिक कुंभ मेले से पहले हुई बैठक, संत, महंत और अखाड़ा प्रतिनिधियों ने जतायी नाराजगी

Nashik News: साल 2027 में नासिक और त्र्यंबकेश्वर में कुंभ मेले का आयोजन किया जाने वाला है। इसको लेकर कुंभ मेला प्राधिकरण ने संतों, महंतों और अखाड़ा प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

अपूर्वा नायक

Nashik News In Hindi: त्र्यंबकेश्वर और नासिक में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले की योजना बनाने के लिए गठित कुंभ मेला प्राधिकरण में नाशिक और त्र्यंबकेश्वर के अखाड़ों के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक अलग समिति बनाई जाए।

जिला कलेक्टर जलज शर्मा की उपस्थिति में आयोजित सिंहस्थ कुंभमेला समीक्षा बैठक में अखाड़ा प्रतिनिधियों ने कुछ अन्य मांगें भी रखीं। सिंहस्थ कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में जिला अधिकारी जलज शर्मा की उपस्थिति में यहां भक्ति धाम में आयोजित बैठक में अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव जीतेंद्रानंद सरस्वती, अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता भक्ति चरणदास महाराज, कैलाश मठ के महंत स्वामी संविदानंद सरस्वती, दिगंबर अखाड़े के महंत रामकिशोरदास शास्त्री, तपोवन के बड़ा लक्ष्मीनारायण मंदिर के रामशरणदास महाराज, महंत माधवदास राठी, तुषार भोसले और अन्य उपस्थित थे।

2200 करोड़ की लागत से रास्तों का निर्माण

  • बैठक में आगामी कुंभ मेले के संबंध में प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर शर्मा ने बताया कि कुंभ मेले के अवसर पर विभिन्न विकास कार्य किए गए है।
  • कुंभ मेले के अवसर पर 2200 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। दीर्घकालिक कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो गई है।
  • कुंभ मेले के अवसर पर किन स्थलों का अधिग्रहण किया जाएगा, इसके लिए मनपा की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।

नियमित रुप से किया जाएगा संवाद

विभिन्न स्तरों पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए, जिला कलेक्टर ने कहा कि अखाड़े के पदाधिकारियों, साधुओं और महंतों के पास यदि कोई सुझाव हो, तो उनका स्वागत है। सभी कार्य समय पर पूरे हों, इसका ध्यान रखा जाएगा, जिला प्रशासन साधुओं और महंतों से नियमित रूप से संवाद करेगा और उनकी कठिनाइयों को जानेगा। सुझावों पर ध्यान देकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साधुग्राम के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिला कलेक्टर शर्मा ने बताया कि त्र्यंबकेश्वर के साधुओं और महतों से शीघ्र ही संवाद किया जाएगा।

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