नासिक मनपा की महासभा में गड्ढों पर गदर सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो
नासिक

नासिक मनपा की महासभा में गड्ढों पर गदर: एंबुलेंस लेकर सभागार में घुसे पार्षद, मरीजों का वेश धरकर प्रदर्शन!

Nashik Road Potholes: नासिक में जानलेवा गड्ढों को लेकर मनपा की विशेष महासभा में जमकर हंगामा हुआ। पार्षद एंबुलेंस लेकर पहुंचे, वहीं कुछ ने मरीज बनकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।

अंकिता पटेल

Nashik Pothole Protest Meeting: नासिक शहर की सड़कों पर बने खतरनाक गड्डों की गंभीर समस्या को लेकर नासिक महानगरपालिका की विशेष महासभा के दौरान पार्षदों का लंबे समय से जमा हुआ गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा।

बैठक की शुरुआत होते ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के पार्षद एंबुलेंस के साथ सोधे सभागार के भीतर पहुंच गए, वहीं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पार्षदों ने महापौर के आसन के सामने मरीजों का अनूठा वेश धरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

इस भारी हंगामे और तनावपूर्ण माहौल के बीच महापौर ने किसी तरह पार्षदों को शांत कराया और उसके बाद ही महासभा की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा सका। नासिक शहर में इस समय मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी इलाकों तक गड्डों का बड़ा साम्राज्य फैला हुआ है, जिससे आम नागरिक और दोपहिया वाहन चालक बेहद परेशान हैं।

इन जानलेवा गड्डों के कारण आए दिन लोग दुर्घटनाग्रस्त होकर गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं, जबकि कुछ दुर्भाग्यपूर्ण मामलों में लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। इसी बेहद गंभीर और जनहित से जुड़े मुद्दे पर व्यापक चर्चा करने और प्रशासन की जवाबदेही तय करने के लिए महानगरपालिका की इस विशेष बैठक का आयोजन शनिवार को किया गया था।

अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन राकांपा का प्रदर्शन

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की गटनेता सीमा ठाकरे के कुशल मार्गदर्शन में पार्थद मुकेश शहाणे और उनके साथी पार्षद सीधे एंबुलेंस और मरीजों का वेश धारण करके सभागार के अंदर दाखिल हुए और प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई।

शिवसेना (यूबीटी) का मोर्चा

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पार्षद केशव पोरजे, वैशाली दाणी, भारती ताजनपुरे और शैलेश ढगे समेत अन्य पार्षदों ने महापौर के आसन के ठीक सामने खाली पड़ी जगह पर बैठकर जमकर नारेबाजी की तथा इस लापरवाही के लिए दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पक्ष-विपक्ष में तीखी तनातनी

शिवसेना (यूबीटी) के पार्षदों के इस आक्रामक विरोध के जवाब में भाजपा के पार्षद अजिंक्य साने, भूषण राणे, स्थायी समिति सभापति मच्छिंद्र सानप और छाया देवांग समेत अन्य सत्ताधारी नेता भी मंच की और बढ़ गए, जिससे सभागार में तनाव और गहमागहमी का माहौल काफी बढ़ गया।

महापौर के हस्तक्षेप से शांत हुआ सदन

सभागार में बढ़ते तनाव और हंगामे को देखते हुए महापौर हिमगौरी आडके ने तुरंत कड़ा हस्तक्षेप किया। उन्होंने शिवसेना के सभी प्रदर्शनकारी पार्षदों को व्यक्तिगत रूप से आश्वस्त किया कि शहर की सड़कों के गड्डों से जुड़े सभी सवालों और समस्याओं पर सदन में पूरी गंभीरता और विस्तार से चर्चा की जाएगी।

महापौर के इस आधिकारिक अनुरोध और आश्वासन के बाद पार्षद शांत होकर अपनी-अपनी सीटों पर वापस लौटे, जिसके बाद सदन की रुकी हुई कार्यवाही सुचारू रूप से आगे बढ़ सकी।

दर्शक दीर्घा में भारी भीड़

शहरी क्षेत्र के इस सबसे बड़े और ज्वलंत मुद्दे पर बुलाई गई इस विशेष महासभा में होने वाले महत्वपूर्ण फैसलों और बहसों को सुनने के लिए नासिक शहर के आम नागरिकों ने भी प्रेक्षक गैलरी में अपनी भारी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे शहरवासियों की इस समस्या के प्रति गहरी रुचि साफ दिखाई दी।

नासिक शहर की सड़कों पर बने गहरे गड्डों के कारण आम नागरिकों का सफर बेहद सुरक्षित और जोखिम भरा हो गया है। गड्ढों की वजह से होने वाली लगातार सड़क दुर्घटनाओं में कई बेकसूर लोग घायल हुए है और कुछ ने अपनी जान भी गवाई है।

जनहित से जुड़े इस अति गंभीर मुद्दे पर चर्चा के लिए मनपा की विशेष महासभा बुलाई गई थी, जिसमे प्रशासन को घेरने की पूरी तैयारी थी, राकांपा (अजित पवार गुट) के पार्षद प्रशासनिक उदासीनता का विरोध जताने के लिए एंबुलेंस और मरीजों का वेश बदलकर सीधे सभागार के अंदर पहुंच गए।

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शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पार्षदों ने महापौर के आसन के समक्ष धरने पर बैठकर नारेबाजी की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। सत्तापक्ष के भाजपा पार्षदों और सभापति के भी मंच पर आ जाने से सदन के भीतर राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया था।

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