Nashik Alleged Conversion Case: नासिक स्थित प्रतिष्ठित आईटी कंपनी टीसीएस में महिला कर्मचारी के कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के प्रयास के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की मुख्य आरोपी निदा खान ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने पीड़िता को अपने घर बुलाकर नमाज पढ़ने की विधि सिखाई थी।
इस खुलासे के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस जांच के अनुसार, टीसीएस कार्यालय की सातवीं मंजिल पर स्थित कैफे इस कथित साजिश का मुख्य केंद्र था। यहीं पर आरोपी दानिश, निदा खान और तौसीफ अत्तार बैठकर पीड़िता का ब्रेनवॉश करने और धर्मांतरण के लिए मानसिक रूप से प्रभावित करने की योजना बनाते थे, जांच के दौरान निदा खान पुलिस टीम को अपने घर भी लेकर गई और वह कमरा तथा स्थान दिखाया, जहां वह कथित तौर पर पीड़िता को नमाज पढ़ने का प्रशिक्षण देती थी।
पीड़िता ने अपने बयान में दावा किया है कि आरोपी तौसीफ अत्तार ने उसकी निजी परेशानियों का फायदा उठाने की कोशिश की। उसने कथित रूप से पीड़िता से कहा था कि यदि उसे संतान नहीं हो रही है तो वह अजमेर के एक मौलवी से संपर्क करे, जहां जाने के बाद उसे निश्चित रूप से संतान प्राप्त होगी। पुलिस अब इस कथित 'अजमेर एंगल' और संबंधित मौलवी के संपकों की भी जांच कर रही है।
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फोरेंसिक जांच में पीड़िता के मोबाइल फोन से इस्लाम धर्म से संबंधित 37 ऑडियो क्लिप्स बरामद की गई है। इसके अलावा कई यूट्यूब लिंक और धर्म से जुड़े चार मोबाइल ऐप भी मिले हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि ये ऐप आरोपी दानिश और निदा खान के कहने पर पीड़िता के मोबाइल में इंस्टॉल किए गए थे। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर रही है।