भारत दिघोले , प्याज (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
नासिक

प्याज किसानों के लिए 10 हजार करोड़ के विशेष पैकेज की मांग, भारत दिघोले ने उठाई स्थिर निर्यात नीति की आवाज

Nashik Onion Market: प्याज उत्पादक किसान संगठन के अध्यक्ष भारत दिघोले ने लगातार घाटे और मंदी से जूझ रहे किसानों के लिए सरकार से ₹10,000 करोड़ के विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की है।

रूपम सिंह

Nashik Farmer Onion Price Stabilization: देश के प्याज उत्पादक किसान पिछले कई वर्षों से गलत निर्यात नीतियों, प्राकृतिक आपदाओं, नकली बीजों, भंडारण में होने वाले नुकसान और बाजार में लगातार जारी मंदी के कारण अभूतपूर्व आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वर्ष 2019, 2020 और 2023-24 में प्याज के निर्यात पर लगाई गई रोक, 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क, 850 और 550 डॉलर का न्यूनतम निर्यात मूल्य और नाफेड व एनसीसीएफ के माध्यम से बफर स्टॉक के प्याज को देश में सस्ते दामों पर बेचने जैसे सरकारी हस्तक्षेपों के कारण बाजार पर भारी असर पड़ा था।

इसके साथ ही वर्ष 2025 और 2026 में मिलने वाले अत्यंत कम बाजार भाव की वजह से पिछले कुछ सालों में लाखों प्याज उत्पादकों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक किसान संगठन के संस्थापक अध्यक्ष भारत दिघोले ने सरकार से प्याज उत्पादकों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के विशेष प्याज आर्थिक पुनरुद्धार पैकेज की घोषणा करने की पुरजोर मांग की है।

किसानों को सीधे वित्तीय सहायता

पिछले कई वर्षों में मंदी और आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए प्याज उत्पादक किसानों के बैंक खातों में सीधे (डीबीटी के जरिए) वित्तीय सहायता राशि जमा की जाए

मंदी और भंडारण नुकसान की भरपाई

वर्ष 2025 में भंडारित किए गए प्याज और वर्ष 2026 में बेचे गए प्याज पर बेहद कम बाजार भाव मिलने से हुए नुकसान के लिए विशेष मुआवजा दिया जाए,

प्राकृतिक आपदा मुआवजा अत्यधिक बारिश, ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश, बाढ़, सूखा और विभिन्न बीमारियों के कारण बर्बाद हुई प्याज की फसल के नुकसान के लिए विशेष आर्थिक सहायता

शत-प्रतिशत अनुदान् पर प्याज भंडारण और गोदाम

प्याज भंडारण के लिए बनाई जाने वाली ली (शेड), आधुनिक गोदाम और अन्य सुविधाएं केवल और केवल प्रत्यक्ष रूप से प्याज उगाने वाले वास्तविक किसानों को ही 100 प्रतिशत अनुदान (सब्सिडी) पर उपलब्ध कराई जाएं।

नकली बीज पीड़ित किसानों को मदद घटिया और नकली प्याज के बीजों के कारण भारी नुकसान उठाने वाले किसानों को मुआवजा दिया जाए और संबंधित दोषी कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

प्याज निर्यात प्रोत्साहन कोष

  • प्याज के निर्यात को गति देने के लिए एक स्वतंत्र कोष का गठन किया जाए, जिससे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भारतीय प्याज को बढ़ावा मिल सके।
  • प्याज बीज खरीद पर सब्सिडी योजनाः प्रमाणित प्याज बीजों की खरीद के लिए किसानों को विशेष सब्सिडी दी जाए, ताकि उत्पादन लागत कम हो सके और गुणवत्तापूर्ण पैदावार बढ़े।
  • सीधे किसान से उपभोक्ता बिक्री योजना किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), सहकारी समितियों और यूनियनों को सीधे उपभोक्ताओं तक
  • प्याज बेचने में सक्षम बनाने के लिए विशेष कोष (फंड) उपलब्ध कराया जाए।
  • प्याज प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) उद्योगों की स्थापना: नासिक, अहिल्यानगर, पुणे, बीड़, सतारा, छत्रपति संभाजीनगर, जलगांव, धुलिया, सोलापुर सहित अन्य प्रमुख प्याज
  • उत्पादक जिलों में बड़े पैमाने पर प्याज प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किया जाए।
  • किसान स्वामित्व वाली प्रसंस्करण परियोजनाएं: प्याज पाउडर, प्याज के फ्लेक्स, डिहाइड्रेटेड प्याज, अनियन पेस्ट और अन्य मूल्यवर्धित (वैल्यू-एडेड) उत्पादों के लिए
  • किसानों के स्वामित्व वाले उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा दिया जाए।

स्थिर प्याज निर्यात नीति करें घोषित

बार-बार निर्यात पर प्रतिबंध लगाने, निर्यात शुल्क बढ़ाने और न्यूनतम निर्यात मूल्य (MEP) लागू करने के बजाय दीर्घकालिक और किसान हितैषी स्थिर' राष्ट्रीय प्याज नीति' घोषित की जाए।

राष्ट्रीय प्याज स्थिरीकरण कोष

बाजार में प्याज की कीमतें अचानक गिरने की स्थिति में नासिक किसानों को तत्काल आर्थिक सुरक्षा कवच देने के लिए एक स्वतंत्र स्थिरीकरण कोष का निर्माण किया जाए। सहित अन्या मांगें शामिल है।

प्याज उत्पादक किसान बचेगा तभी ग्रामीण अर्थव्यवस्था बचेगी और जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था बचेगी, तभी देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इसलिए केंद्र सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए और प्याज उत्पादक किसानों की मदद के लिए तत्काल उपाय करने चाहिए।

- भारत दिघोले, संस्थापक अध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक किसान संगठन

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