Nashik Mukane Dam Project Vilholi Water Plant: नासिक शहर की बढ़ती आबादी और भविष्य की जल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए नासिक मनपा ने मुकणे बांध परियोजना के माध्यम से दीर्घकालीन जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। करीब 400 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से नासिकवासियों को अगले 30 वर्षों तक सुरक्षित और निर्बाध जलापूर्ति उपलब्ध कराई जाएगी।
मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने हाल ही में परियोजना स्थल का दौरा कर विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। इस परियोजना के तहत विल्होली में अतिरिक्त 274 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक जल शुद्धिकरण केंद्र बनाया जा रहा है। इसके साथ ही 2 एमएलडी क्षमता का एमबीआर प्रोजेक्ट भी विकसित किया जा रहा है।
वर्तमान में पानी की लीकेज कम करने के लिए अमृत योजना के तहत पुरानी पाइपलाइन बदलने का कार्य शुरू है। भविष्य में स्मार्ट एएमआर वॉटर मीटर लगाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है।
नासिकवासियों को अगले 30 वर्षों तक सुरक्षित और निर्वाध जलापूर्ति उपलब्ध कराना महानगरपालिका की प्राथमिकता है। मुकणे परियोजना से जलापूर्ति व्यवस्था अधिक सक्षम और आधुनिक बनेगी, ऐसा आयुक्त मनीषा खत्री ने कहा। विल्होली से निलगिरी बाग जल शुद्धिकरण केंद्र तक बड़ी क्षमता की ग्रैविटी मेन पाइप लाइन का काम युद्धस्तर पर जारी है। इसके अंतर्गत 15.70 किलोमीटर लंबी 1800 और 1400 मिमी क्षमता की एमएस पाइप लाइन तथा 7.90 किलोमीटर लंबी 1200 मिमी क्षमता की डीआई पाइप लाइन बिछाई जाएगी।
साधुग्राम क्षेत्र सहित नए विकसित हो रहे इलाकों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। बढ़ती जलापूर्ति जरूरतों को देखते हुए नासिक शहर में विभिन्न स्थानों पर ऊचे जलकुंभ बनाए जा रहे है तथा नए क्षेत्रों के लिए अलग वितरण व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे पुरानी जलापूर्ति प्रणाली पर दबाव कम होगा और संतुलित जल वितरण संभव हो सकेगा।
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इस परियोजना के लिए नासिक महानगरपालिका ने अभिनव वित्तीय मॉडल अपनाया है। 25 फरवरी 2026 को पहली बार 200 करोड़ रुपये के ग्रीन बॉण्ड जारी किए गए। इसके अलावा अर्बन चैलेंज फंड से 100 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है, जबकि शेष राशि राज्य सरकार और मनपा प्रशासन द्वारा जुटाई जाएगी।
परियोजना के लिए 371.75 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं और मार्च 2027 तक परियोजना पूर्ण करने की योजना है। मनपा के अनुमान के अनुसार वर्ष 2040 तक नासिक की आबादी 37.71 लाख तक पहुंच सकती है, जबकि पानी की मांग 583 एमएलडी तक बढ़ने की संभावना है।