कुंभ मेला (फाइल फोटो) 
नासिक

साधु-संत ट्रक-भर गांजा पीते हैं...निरंजन टकले के बयान से मचा बवाल! भड़के हिंदू संगठन

Kumbh Mela: निरंजन टकले पर कुंभ मेले में साधु-संतों पर अपमानजनक आरोप लगाने का मामला दर्ज करने की मांग। हिंदुत्ववादी संगठनों ने पंचवटी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की।

अर्पित शुक्ला

Nashik News: आगामी नाशिक कुंभ मेले में देशभर से साधु-संत, नागा साधु और विभिन्न अखाड़ों के महंत बड़ी संख्या में एकत्रित होते हैं। यह कुंभ मेला आध्यात्मिक, धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, और यहां भारतभर से लोग सिर्फ श्रद्धा और विश्वास के कारण पहुंचते हैं। इस आयोजन के दौरान साधु-संतों के दर्शन और सत्संग के माध्यम से लोग आध्यात्मिक ज्ञान और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, जो भारतीय संस्कृति की 'विविधता में एकता' का प्रतीक है।

हालांकि, आगामी नाशिक कुंभ मेले को लेकर निरंजन टकले नामक व्यक्ति ने कुछ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में आने वाले साधु-संत ट्रक-भर गांजा पीते हैं और वातावरण में दुर्गंध फैलाते हैं। ऐसे आधारहीन और मनगढ़ंत आरोपों के कारण उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर हिंदुत्ववादी संगठनों ने नासिक स्थित पंचवटी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

संगठनों का कहना है कि निरंजन टकले के बयानों से संत समाज और करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उनका आरोप है कि टकले ने बिना किसी प्रमाण के कुंभ मेले को बदनाम करने की कोशिश की है और इससे धार्मिक तनाव उत्पन्न करने की साजिश की है। इन आरोपों को 'शहरी नक्सलवादियों' की पुरानी चाल से जोड़ते हुए, हिंदुत्ववादी संगठनों ने कहा कि टकले का उद्देश्य सामाजिक शांति को भंग करना और धार्मिक माहौल को बिगाड़ना है।

हिंदू जनजागृति समिति के संदीप वाघ, सकल हिंदू समाज के कैलास देशमुख, हिंदू महासभा के मनीष गोसावी, जिवाधार संघ के मिलिंद कुलकर्णी, और अन्य धर्मप्रेमियों ने भी इस घटना पर विरोध जताया और पुलिस से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि इस तरह के भड़काऊ बयान देने से कुंभ मेला जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

शिकायत में कहा गया है कि निरंजन टकले के बयानों से हिंदू धर्म, त्योहारों, संत समाज और धार्मिक भावनाओं के खिलाफ भड़काऊ और गलत वक्तव्य दिए गए हैं। इसलिए पुलिस को इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए उन पर मामले दर्ज करने चाहिए, ताकि धार्मिक तनाव उत्पन्न करने की कोशिशों को रोका जा सके।

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