Nashik Disaster Management: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, मध्य महाराष्ट्र सहित राज्य के कई जिलों में अगले 5 दिनों तक गरज के साथ ओलावृष्टि और तूफानी बारिश की प्रबल संभावना जताई गई है। इस प्राकृतिक आपदा के मद्देनजर नासिक जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
वातावरण में बढ़ते असंतुलन के कारण अचानक हवा की गति बढ़ने और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
बिजली कड़कने की आवाज सुनाई देते ही तुरंत किसी पक्के घर या सुरक्षित इमारत में शरण लें। पेड़ों के नीचे, खुले खेतों, नदी, तालाब या लोहे की वस्तुओं के पास खड़े न हों। बिजली चमकते समय खुले स्थान पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से बचें।
यदि सुरक्षित आश्रय उपलब्ध न हो, तो जमीन पर लेटने के बजाय पैरों को आपस में जोड़कर उकडू (नीचे) बैठ जाएं। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को 'हाई अलर्ट' पर रहने के आदेश दिए हैं ताकि किसी भी जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
एम्बुलेंस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात रखा गया है। ग्राम पंचायत और पुलिस के माध्यम से सुदूर गांवों तक मौसम की जानकारी पहुंचाई जा रही है।
आपात स्थिति के लिए स्कूलों और सामुदायिक भवनों को सुरक्षित स्थान के रूप में तैयार रखा गया है। बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचें और पालतू जानवरों को सुरक्षित ढके हुए स्थानों पर ले जाएं।
निर्माणाधीन स्थलों पर काम तुरंत रोकने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है। प्रशासन ने मेलो, जात्राओं और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों को फिलहाल स्थगित करने की सलाह दी है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं का ही पालन करें।
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प्राकृतिक आपदा के समय सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। बचाव है, नागरिक अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकले और बिजली कड़कने के दौरान ऊंचे स्थानों या पेड़ों का सहारा नले।
- नासिक, जिलाधिकारी