नासिक त्र्यंबकेश्वर हेलीकॉप्टर सर्विस लॉन्च सोर्स: सोशल मीडिया
नासिक

घंटों में होंगे नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ के दर्शन, मुंबई, पुणे और सूरत से 2 नवंबर से शुरू होगी हेलिकॉप्टर सेवा

Nashik Trimbakeshwar Helicopter Service Launch: सिंहस्थ कुंभ 2027 से पहले मुंबई, पुणे और सूरत समेत कई शहरों से त्र्यंबकेश्वर के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने की तैयारी। 2,500 का दर्शन पास प्रस्तावित।

मनीषा बोंदरे

Highlights

  • नासिक -त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले त्र्यंबकेश्वर के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने की तैयारी।

  • मुंबई, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर, जलगांव, धुलिया, सूरत और वलसाड से उड़ानों की योजना।

  • निजी ऑपरेटरों के माध्यम से 2 नवंबर से सेवा शुरू होने की संभावना।

  • नए हेलीपैड पर एक साथ तीन हेलिकॉप्टरों के संचालन की क्षमता।

  • हवाई सफर, स्थानीय परिवहन और ₹2,500 के सशुल्क दर्शन पास को मिलाकर संयुक्त पैकेज की योजना।

  • चार्टर्ड और साझा यात्री उड़ानों के विकल्प उपलब्ध कराने की तैयारी।

Nashik Kumbh Mela 2027 Helicopter Pilgrimage Service Package: सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने की तैयारी है। मुंबई, पुणे, सूरत समेत कई शहरों से उड़ानों की योजना बनाई गई है। हवाई सफर, स्थानीय परिवहन और 2,500 के सशुल्क दर्शन पास वाला संयुक्त पैकेज भी प्रस्तावित है।

मुंबई-पुणे से त्र्यंबकेश्वर के लिए उड़ेंगे हेलिकॉप्टर

नासिक,आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले को देखते हुए त्र्यंबकेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और तेज बनाने के लिए जिला प्रशासन ने हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। नासिक -त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण की ओर से विकसित नए हेलीपैड के जरिए मुंबई, पुणे, सूरत और वलसाड समेत कई प्रमुख शहरों से श्रद्धालु सीधे त्र्यंबकेश्वर पहुंच सकेंगे। निजी ऑपरेटरों के माध्यम से यह सेवा 2 नवंबर से शुरू होने की संभावना जताई गई है। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

एक साथ तीन हेलिकॉप्टरों के संचालन की सुविधा

देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल श्री त्र्यंबकेश्वर मंदिर में सालभर लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए त्र्यंबकेश्वर में नया हेलीपैड विकसित किया गया है, जहां एक साथ तीन हेलिकॉप्टरों के संचालन की क्षमता रखी गई है।

नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद के अनुसार, मुंबई, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर, जलगांव, धुलिया, सूरत और वलसाड से श्रद्धालुओं के लिए हवाई सेवा उपलब्ध कराने की योजना है।

हवाई सफर के साथ 2,500 का दर्शन पास

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हवाई यात्रा के साथ स्थानीय परिवहन और 2,500 के आधिकारिक सशुल्क दर्शन पास को जोड़कर एक संयुक्त पैकेज पेश करने की योजना बनाई गई है। इससे श्रद्धालु कम समय में त्र्यंबकेश्वर पहुंचकर दर्शन कर सकेंगे और अपनी आगे की यात्रा पूरी कर सकेंगे।

कुंभ मेले के पर्वणी यानी शाही स्नान के दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे समय में यह सुविधा भीड़ प्रबंधन और यात्रा की योजना बनाने में उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, पैकेज की अंतिम कीमत, बुकिंग और संचालन संबंधी विवरण की पुष्टि सेवा शुरू होने से पहले संबंधित ऑपरेटरों से करनी होगी।

चार्टर्ड और शेयरिंग उड़ानों का विकल्प

हेलिकॉप्टर सेवा के संचालन के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। यह भूमि कुंभ मेले का मुख्य आयोजन संपन्न होने तक कुंभ मेला प्राधिकरण के अधीन रहेगी।

श्रद्धालुओं की मांग को देखते हुए विमानन कंपनियों और निजी ऑपरेटरों को चार्टर्ड हेलिकॉप्टर के साथ साझा यात्री उड़ानें संचालित करने की अनुमति देने की योजना है। इससे अलग-अलग बजट और जरूरतों वाले यात्रियों को विकल्प मिल सकेंगे।

ऑपरेटरों की सहायता के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त

सेवा शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने और निजी ऑपरेटरों को जरूरी प्रशासनिक अनुमतियां उपलब्ध कराने के लिए अपर जिलाधिकारी रोहित राजपूत को विशेष अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य आवश्यक मंजूरियों और व्यवस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करना है।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

हेलिकॉप्टर सेवा के साथ नासिक क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य का हवाई दर्शन कराने वाली जॉयराइड शुरू करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। इससे धार्मिक यात्रा के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।

प्रशासन को उम्मीद है कि उचित नियोजन के जरिए श्रद्धालु कम समय में त्र्यंबकेश्वर पहुंचकर दर्शन कर सकेंगे। हालांकि, सेवा की शुरुआत, उड़ानों के समय, किराए और बुकिंग की अंतिम जानकारी संबंधित ऑपरेटरों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

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