Nashik Simhastha Kumbh Preparation ( सोर्स: सोशल मीडिया) 
नासिक

नासिक: सिंहस्थ कुंभ की तैयारी शुरू, लेकिन साधुग्राम में काम ठप; मुख्य क्षेत्र में सुस्ती पर सवाल

Nashik Kumbh Mela: नासिक में आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं, लेकिन तपोवन स्थित साधुग्राम में निर्माण कार्य शुरू न होने से साधु-संतों ने प्रशासन पर नाराजगी जताई है।

अंकिता पटेल

Nashik Simhastha Kumbh Preparation: नासिक आगामी सिंहस्थ कुंभमेले की आहट नासिक में सुनाई देने लगी है। शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों, बिजली और पानी की आपूर्ति जैसे बुनियादी ढांचे के काम शुरू हो चुके हैं।

हालांकि, कुंभ मेले के मुख्य केंद्र तपोवन क्षेत्र के साधु ग्राम में अब तक निर्माण का कोई काम शुरू नहीं हुआ है। इस सुस्ती को लेकर साधु-संतों ने प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी व्यक्त की है।

अखाड़ा परिषद के तीखे सवाल

अखाड़ा परिषद के प्रवक्ताओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब शहर के अन्य हिस्सों में काम दिखाई दे रहे हैं, तो क्या प्रशासन साधु ग्राम के महत्व को भूल गया है? संतों की स्पष्ट मांग है कि साधु ग्राम के लिए आरक्षित जमीन को अधिग्रहित करने से पहले संबंधित किसानों को तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाना चाहिए, साथ ही, विकास कार्यों के दौरान स्थानीय साधु संतों के आश्रमों की मौजूदा व्यवस्था में कोई व्यवधान न आए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

प्रशासन की धीमी गति चिंताजनक

कुंभमेले में लाखों श्रद्धालुओं और साधु-संतों का आगमन होता है, जिनके निवास की व्यवस्था साधु ग्राम में ही की जाती है। समय रहते काम पूरा न होने पर कुंभमेले के सफल आयोजन पर सवालिया निशान लग सकता है।

अखाडा परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो साधु-संत सड़को पर उत्तरने की मजबूर होंगे।

संतों का कड़ा रुख

तीनों अखाड़ों के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत भक्ति चरणदास महाराज ने बताया कि हाल ही में गोवा में नरेंद्र महाराज की उपस्थिति में हुए एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिगंबर, निर्वाणी और निर्मोही अखाड़े के महंतों ने इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।

प्रशासन के ढीले रवैये को देखते हुए संतों ने अब आंदोलन की भूमिका अपना ली है। संतों का कहना है कि प्रशासन के कामकाज की धीमी गति चिंताजनक है और इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संतों की प्रमुख मांगें

मुआवजाः किसानों को भूमि अधिग्रहण के बदले तुरंत आर्थिक भुगतान।

निर्माणः साधु ग्राम में बुनियादी ढांचे का काम युद्धस्तर पर शुरू हो।

संरक्षणः स्थानीय आश्रमों और मठों की व्यवस्था को नुकसान न पहुंचाया जाए।

समन्वयः प्रशासन और संतों के बीच नियमित संवाद और पारदर्शी योजना।

विश्व के मशहूर क्लाइमेट साइंटिस्ट जेम्स हानसेन की चेतावनी, इसलिए इतिहास का सबसे गर्म साल बनेगा 2026

EPF Withdrawal Rules 2026: फॉर्म 15G और 15H की जगह आया फॉर्म 121, जान लें नए नियम और पात्रता की शर्तें

ओबीसी 27 प्रतिशत आरक्षण मामले में मोहन सरकार की बड़ी तैयारी! दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल से मिले सीएम डॉ. यादव

फेस्टिवल के बीच UPI यूजर के लिए बड़ी खबर, MDR लागू करने का फैसला टला; जल्द आएगी नई तारीखें

भारत में प्रदर्शन के पीछे इस्लामी ताकतें! अमेरिकी पत्रकार ने दी चेतावनी, लाखों डॉलर की फंडिंग का दावा