25 अक्टूबर: शंखनाद कार्यक्रम होगा।
30 अक्टूबर: ध्वजारोहण की पूर्व संध्या पर भव्य ग्राम परिक्रमा और एक लाख दीपों से गोदा पूजन।
31 अक्टूबर: दोपहर 12:02 बजे सिंहस्थ कुंभ मेले का मुख्य ध्वजारोहण।
31 अक्टूबर: शाम 6:50 बजे, 6,500 गोदा सेवकों के हाथों महा गोदा आरती संपन्न होगी।
Flag Hoisting Godavari Deep Pujan: नासिक में सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह की पृष्ठभूमि पर पूरी नगरी धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर हो उठी है। आगामी 31 अक्टूबर को दोपहर ठीक 12 बजकर 2 मिनट पर होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण के साथ सिंहस्थ कुंभ मेले का औपचारिक श्रीगणेश होगा।
इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सोहले के लिए कुंभ मेला प्राधिकरण द्वारा जोरों से तैयारियां की जा रही हैं। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण गोदावरी तट पर एक लाख सेवकों की सहभागिता से एक ही समय में एक लाख दीप प्रज्वलित कर गोदा माता का पूजन करने की संकल्पना है।
सिंहस्थ समिति के अध्यक्ष सतीश शुक्ल ने बताया कि नासिक में सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह को लेकर पुरोहित संघ की ओर से व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मुख्य ध्वजारोहण से एक दिन पहले, शुक्रवार 30 अक्टूबर को शहर में भव्य ग्राम परिक्रमा का आयोजन किया जाएगा।
यह परिक्रमा दोपहर 3 बजे तपोवन स्थित मोदी मैदान से शुरू होगी। इसमें जगद्गुरु रामानुजाचार्य नरेंद्राचार्य महाराज की उपस्थिति रहेगी। आयोजन के माध्यम से सिंहस्थ कुंभ मेले के शुभारंभ से पहले धार्मिक वातावरण तैयार करने और श्रद्धालुओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
30 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तपोवन स्थित मोदी मैदान से ग्राम परिक्रमा का शुभारंभ होगा। जगद्गुरु रामानुचार्य नरेंद्रचार्य महाराज की प्रमुख उपस्थिति में यह परिक्रमा निकाली जाएगी।
ग्राम परिक्रमा के अवसर पर गोदावरी नदी के दोनों तटों पर एक लाख दीप प्रज्वलित कर आरती करने का नियोजन किया गया है। रामकुंड से टालकुटेश्वर पुल तक गोदातीर के दोनों किनारों पर सेवकों द्वारा गोद तीर्थ पर भव्य गोदा आरती की जाएगी।
इस महाआरती और गोदा पूजन को विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने का भी नियोजन किया गया है। इस माध्यम से देश-भर के श्रद्धालुओं को गोदावरी के धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व का दर्शन कराने का प्रयास किया जाएगा।