प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
नासिक

नासिक रोड में चैरिटेबल ट्रस्ट विवाद: मुक्तिधाम मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर आरोप, जांच की मांग

Nashik BITCO Charitable Trust: नासिक रोड के मुक्तिधाम मंदिर ट्रस्ट पर गड़बड़ी और कर्मचारियों से अन्याय के आरोप लगे हैं। कर्मचारियों ने चैरिटी कमिश्नर से जांच व प्रशासक नियुक्त करने की मांग की है।

अंकिता पटेल

Nashik Trust Controversy: नासिक रोड स्थित मुक्तिधाम मंदिर के बिटको चैरिटेबल ट्रस्ट में गड़बड़ी, मैनेजमेंट की मनमानी और कर्मचारियों के साथ अन्याय के आरोपों से विवाद खड़ा हो गया है। ट्रस्ट के पुजारियों, मैनेजरों और दूसरे कर्मचारियों ने सीधे चैरिटी कमिश्नर से शिकायत की है और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ट्रस्ट के मामलों की पूरी जांच और तुरंत एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करने की मांग की है।

पिछले एक साल से मुक्तिधाम मंदिर और बिटको चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी मोहन चव्हाण और कर्मचारियों के बीच बहस चल रही है। अंदरूनी झगड़ा अब पब्लिक लेवल पर आ गया है, जिससे ट्रस्ट के कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं।

मंदिर के पुजारियों, मैनेजरों, सफाई कर्मचारियों वगैरह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाया कि ट्रस्टी मंदिर में दानपेटी, भक्तों के रहने की जगह और दूसरे तरीकों से जमा हुए पैसे का कोई रिकॉर्ड नहीं रखते हैं।

आरोप लगाया गया कि इस पैसे का इस्तेमाल सरकारी नियमों का उल्लंघन करके किया जा रहा है और भक्तों के दान की बर्बादी हो रही है। पुजारी कृष्णानंद मिश्रा ने कहा कि ट्रस्टी उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं और उनके साथ बुरा चर्ताव कर रहे हैं।

मैनेजर राजेंद्र कुलकर्णी ने आरोप लगाया कि उन्हें अचानक नौकरी से निकाल दिया गया और कहा कि ट्रस्ट का मैनेजमेंट मनमाने तरीके से चल रहा है, उन्होंने बताया कि कर्मचारियों ने इस बारे में चैरिटी कमिश्नर और मुख्यमंत्री के ऑनलाइन कंप्लेंट पोर्टल पर शिकायत की है।

आरोपों से किया इनकार

ट्रस्टी मोहन चव्हाण ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि सभी ट्रांजेक्शन नियमों के मुताबिक है और संबंधित डॉक्यूमेट्स कोर्ट और चैरिटी कमिश्नर को सीधे जाएंगे।

ट्रस्ट में शुरू है गैरव्यवहार

ट्रस्ट में गैरव्यवहार शुरू होने हमने चैरिटी कमिश्नर से शिकायत की है। उसके बाद से हमें परेशान किया जा रहा है, मेरी विकलांगता को भी कम आंका जा रहा है। और मेरे साथ धक्का-मुक्की भी की गई है।

- पुजारी, कृष्णानंद मिश्रा

मंदिर में 25 साल से अधिक समय से सेवा करने के बावजूद, ट्रस्टी मेरे साथ बुरा बर्ताव कर रहे हैं। ट्रस्ट का पैसा बर्बाद हो रहा है। एडमिनिस्ट्रेशन को तुरंत नोटिस लेना चाहिए और इस ट्रस्ट में एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करने चाहिए।

- मैनेजर, राजेंद्र कुलकर्णी

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