Nashik Gas Pipeline Policy: नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में विभिन्न विकास कार्यों के लिए नासिक महानगरपालिका ने शहर की सड़कों की खुदाई हेतु 31 मार्च तक की समयसीमा तय की थी। हालांकि, वैश्विक स्तर पर उत्पन्न युद्ध जैसी परिस्थितियों और संभावित गैस संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने घरेलू पाइप गैस कनेक्शनों को प्राथमिकता देने की नीति घोषित की है।
इस निर्णय के बाद सड़कों को फिर से खोदे जाने की प्रबल संभावना बन गई है। राज्य सरकार के नगर विकास विभाग ने गैस पाइपलाइन से संबंधित लंबित प्रस्तावों को तत्काल निपटाने के निर्देश दिए हैं।
नए नियमों के अनुसार, गैस कंपनी का आवेदन प्राप्त होने के बाद महानगरपालिका या पीडब्ल्यूडी को 24 घंटे के भीतर अनुमति देना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय में निर्णय नहीं लिया गया, तो अनुमति स्वतः मान्य मानी जाएगी। पूरी अनुमति प्रक्रिया के लिए अधिकतम 3 दिन का समय तय किया गया है।
जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन की सुविधा पहुंच चुकी है, वहां नागरिकों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। पीएनजी सुविधा उपलब्ध क्षेत्रों में 90 दिनों के भीतर कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। कनेक्शन लेने की अवधि समाप्त होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। किसी भी सोसायटी या आरडब्ल्यूए के विरोध के कारण पाइपलाइन बिछाने का कार्य रोका नहीं जा सकेगा।
प्रशासन ने कार्य की गति बढ़ाने के लिए कई रियायते भी दी है। गैस कंपनियों को सड़क मरम्मत शुल्क में विशेष छूट प्रदान की गई है। अब खुदाई से पहले ट्रैफिक पुलिस या अग्निशमन विभाग से अनापति प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं होगी।।
विशेष परिस्थितियों को देखते हुए बरसात के दौरान भी काम जारी रखने की अनुमति दी गई है। इस निर्णय से शहर में पीएनजी कनेक्शन का कार्य तेजी से पूरा होने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें:-नासिक में हाउसिंग घोटाला, जांच के दायरे में आ सकते हैं अधिकारी; 49 प्रोजेक्ट्स में अनियमितताओं के आरोप
हालांकि, हाल ही में मरम्मत की गई सड़कों के दौबारा खोदे जाने की आशंका से नासिक के नागरिकों में असुविधा को लेकर चिंता देखी जा रही है।संभावित गैस सकट को देखते हुए पीएनजी नेटवर्क का विस्तार राष्ट्रीय प्राथमिकता है। हालाकि सड़कों की खुदाई से नागरिकों को कुछ परेशानी हो सकती है, लेकिन दीर्घकालिक लाभ के लिए यह अनिवार्य है।
- आधिकारिक निर्देश, नगर विकास विभाग