Nashik Onion Price Crash: नासिक प्याज और मक्का की गिरती कीमतों से परेशान किसानों और सर्वदलीय पदाधिकारियों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सोमवार 23 फरवरी से कृषि उपज मंडी समिति में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
वर्तमान में बाजार में प्याज की कीमत मात्र 7 से 8 रुपये प्रति किलो तक गिर गई है, जिससे किसानों की लागत निकलना भी मुश्किल हो गया है। वहीं, मक्का की सरकारी खरीद की गति अत्यंत धीमी होने से किसान निजी व्यापारियों के हाथों लुटने को मजबूर हैं।
सांसद भास्कर भगरे ने अनशनकारी किसानों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर विस्तृत चचा की। इसके पश्चात, उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता जयंत पाटिल से फोन पर बातचीत कर किसानों के मुद्दों को तत्काल सुलझाने का अनुरोध किया। जयंत पाटिल ने आश्वासन दिया है कि वे चल रहे विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और सरकार से जवाब मगिंगे।
राज्य प्याज उत्पादक संगठन के संस्थापक अध्यक्ष भारत दिघोळे ने केंद्र सरकार द्वारा 'आरओडीटीईची (नियांत उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट) योजना की दरों में 50 प्रतिशत की कटौती करने के निर्णय की कड़ी निंदा की है, संगठन ने माग की है कि इस कटौती को तत्काल वापस लिया जाए और प्याज प्रसंस्करण उद्योग के लिए कम से कम 4 प्रतिशत आरओडीटीईपी दर लागू की जाए।
न्यूनतम मूल्यः प्याज के लिए 3000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव सुनिश्चित हो।
अनुदानः अब तक बेचे गए प्याज पर 1500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सब्सिडी मिले।
यह भी पढ़ें:-नासिक में गर्मी से पहले डैम का जलस्तर घटने लगा, जिले के जलाशयों में सिर्फ 72% उपयोगी पानी शेष
निर्यात सुविधाः परिवहन सब्सिडी और रेलवे रैंक की उपलब्धता बढ़ाई जाए।
मवकाः समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों को सीधे प्रदान की जाए।