प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )  
नासिक

नामांकन वापसी के आखिरी दिन नासिक में हाई-वोल्टेज ड्रामा, कुछ मिनटों की देरी और पलट गई सियासी किस्मत

Nomination Withdrawal: नासिक मनपा चुनाव में नामांकन वापसी के अंतिम दिन हर वार्ड में सियासी ड्रामा दिखा। देरी, बगावत और निर्दलीयों के पैनल ने मुकाबला रोचक बना दिया।

अंकिता पटेल

Nashik Municipal Election News: नासिक महानगरपालिका चुनाव में नामांकन वापसी के आखिरी दिन शहर के हर वार्ड में हाई-वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामा देखने को मिला, कहीं कुछ मिनटों की देरी ने उम्मीदवार की किस्मत का फैसला कर दिया, तो कहीं अपनों के ही बगावती सुरों ने राजनीतिक दलों की नींद उड़ा दी है। सातपुर डिवीजन में निर्दलीय उम्मीदवारों द्वारा 'पैनल' बनाने की कोशिशों ने आधिकारिक उम्मीदवारों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।

सातपुर में बागियों का 'महागठबंधन' ?

सातपुर के वार्ड नंबर 8, 9, 10 और 11 में कुल 78 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए हैं, लेकिन असली मुकाबला अब शुरू हुआ है। वार्ड 10 का दंगलः यहां भाजपा के बागी शशिकांत जाधव, मनोज तांबे और शिंदे सेना के बागी रवींद्र देवरे व रोहिणी देवरे मैदान में डटे हुए हैं।

बागी मिलकर 'स्वतंत्र पैनल' बना सकते

चर्चा है कि ये सभी बागी मिलकर एक 'स्वतंत्र पैनल' बना सकते है। यदि ऐसा हुआ तो स्थापित राजनीतिक दलों के आधिकारिक प्रत्याशियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

शिंदे सेना के बागी रवींद्र देवरे ने पार्टी नेतृत्व पर आरोप लगाया कि जमीन पर काम करने वालों के बजाय अमीर लोगों को टिकट देकर नाइंसाफी की गई है।

भाजपा के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। वार्ड 1 से भाजपा के शहराध्यक्ष और विधायक पर धोखे का आरोप लगाते हुए जनरल सेक्रेटरी अमित घुगे ने निर्दलीय लड़ने का फैसला किया है।

नासिक ईस्ट में नाम वापसी के बाद पूर्व पार्षद जगन पाटिल ने आरोप लगाया कि उन्हें विश्वास, में लिए बिना नाम वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। पंचवटी में एक पूर्व पार्षद को नाम वापस लेने के लिए लाया गया था, लेकिन महज कुछ मिनट की। देरी के कारण उनकी उम्मीदवारी बरकरार रह गई।

वार्ड 13, 14 और 15 पर टिकी सबकी नजरें

  • इन वार्डों में राजनीतिक माहौल सबसे ज्यादा गरम है क्योंकि यहाँ मुकाबला बेहद निजी और रसूख वाला हो गया है।
  • यहां पूर्व पार्षदों, पूर्व महापौर के रिश्तेदारों और पुराने विधायकों के वारिसों के बीच कड़ी टक्कर है।
  • पार्टियों में हुई फूट का सीधा असर यहाँ के वोट बैंक पर दिख रहा है।
  • मतदाताओं के सामने अब पुरानी निष्ठा और नए चेहरों के बीच चुनाव करने की चुनौती है। नासिक ईस्ट के वार्ड 16, 23 और 30 से कुल 43 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए हैं।
  • इनमें भाजपा की शाहीन मिर्जा और जगन पाटिल जैसे बड़े नाम शामिल हैं जिन्होंने पार्टी के आदेश पर पर्चा वापस लिया है। अब जब चुनावी रणभूमि के योद्धा तय हो चुके हैं, तो आने वाले दिनों में प्रचार का शोर और आरोप-प्रत्यारोप का दौर और भी तेज होगा।

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