Ujjwala Scheme Beneficiaries Nashik: नासिक जिले में बढ़ती गैस किल्लत के कारण लाखों उपभोक्ताओं में चिंता का माहौल बन गया है। जिले की 141 गैस एजेंसियों के माध्यम से वितरित किए गए 10 लाख से अधिक एलपीजी कनेक्शन अब वैश्विक और स्थानीय आपूर्ति बाधाओं के कारण खतरे में नजर आ रहे हैं।
नासिक में गैस वितरण की स्थिति सांख्यिकीय रूप से काफी विस्तृत है, जो इस संकट की गंभीरता को दर्शाती है। जिले में 10 लाख से अधिक कनेक्शन हैं, जिनमें से 6 लाख से अधिक अकेले नासिक शहर में हैं।
जिले में 2.15 लाख परिवार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पंजीकृत हैं। इनके लिए सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति में देरी दोहरी मार साबित हो रही है।
कुल 141 गैस एजेंसियां जिले भर में फैली हुई है, लेकिन वर्तमान में बुकिंग के बाद 15 से 30 दिनों की देरी की खबरें हर क्षेत्र से आ रही है, एलपीजी के विकल्प के रूप में महाराष्ट्र नेचुरल गैस लिमिटेड (एमएनजीएल) द्वारा दी जा रही पीएनजी सेवा अब अधिक प्रासंगिक हो गई है, हालांकि इसकी पहुंच अभी भी सीमित है।
नासिक शहर में लगभग 24 हजार घरों ने अब तक पीएनजी का विकल्प चुना है। नासिक रोड, इंदिरानगर, गंगापुर रोड और शरणपुर रोड जैसे विकसित इलाकों में पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया गया है।
शुरुआत में 15 हजार घरो ने इसमें रुचि दिखाई थी, जो अब बढ़कर 25 से 30 हजार के अनुमानित आंकड़े तक पहुंच गई है। फिर भी। 6 लाख एलपीजी उपभोक्ताओं के मुकाबले यह संख्या अभी भी बहुत कम है।
अगर गैस की यह किल्लत लंबे समय तक जारी रही, तो इसके परिणाम दूरगामी होंगे समय पर सिलेंडर न मिलने से श्रमिक वर्ग और नौकरीपेशा परिवारों का सुबह का समय प्रभावित हो रहा है।
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कालाबाजारी और नई दरों के कारण मध्यमवर्गीय परिवारी के मासिक बजट में असंतुलन पैदा हो रहा है। बढ़ती जनसंख्या के साथ गैस की मांग तो बढ़ रही है, लेकिन बुनियादी ढांचा उस गति से विकसित नहीं हो पा रहा है।
कुल एलपीजी कनेक्शन 10 लाख+ (जिला), 6 लाख (शहर)। एजेंसियों की संख्या 141 उज्ज्वला लाभार्थी 2.15 लाख परिवार पीएनजी
कनेक्शन: ₹24,000 (सीमित विस्तार)।
प्रमुख मागः तेल कंपनियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय।