Nashik Land Acquisition Farmer Compensation: चिंचोली और वडगांव-पिंगला के रिंग रोड प्रभावित किसानों के लंबे संघर्ष को आखिरकार सफलता मिल गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इन किसानों को मुआवजा देने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
विधायक माणिकराव कोकाटे के लगातार प्रयास और किसान प्रतिनिधियों के सतत संघर्ष के कारण इस संवेदनशील मुद्दे का समाधान होने से प्रभावित किसानों में संतोष का माहौल है। नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर प्रस्तावित राज्य मार्ग 37 (रिंग रोड) के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है।
रिंग रोड परियोजना से प्रभावित अधिकांश किसानों को पहले ही मुआवजा स्वीकृत हो चुका था, लेकिन चिंचोली और वडगांव-पिंगला के किसानों को इससे वंचित रखा गया था। इस मुद्दे को विधायक माणिकराव कोकाटे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मांग की कि दोनों गांवों के किसानों को भी अधिग्रहित भूमि का न्यायसंगत मुआवजा दिया जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने संबंधित विभागों से जमीन की सीमाएं जल्द निर्धारित करने और भूमि अधिग्रहण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र जिलाधिकारी को सौंपने को कहा, ताकि मुआवजा वितरण की प्रक्रिया बिना किसी देरी के शुरू की जा सके और प्रभावित किसानों को राहत मिल सके।
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चिंचोली से पांडुर्ली के बीच लगभग 7 किलोमीटर के इस हिस्से में कई किसानों की जमीनें, घर, कुएं, पॉलीहाउस और फलदार बाग प्रभावित हो रहे हैं। मुआवजे के बिना भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए चिंचोली के 58 और वडगांव-पिंगला के 42 (कुल 100) पीड़ित किसान परिवारों ने लगातार 58 दिनों तक क्रमिक अनशन किया था।
बैठक में कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले सहित विधायक और किसान प्रतिनिधि भास्कर उगले, कचरू गंधास व अन्य उपस्थित थे। इस फैसले से रिंग रोड परियोजना की राह आसान हो गई है।